बरेली में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग

बरेली में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की मांग

बरेली: जिले में सोमवार को ‘गो सम्मान आवाहन अभियान’ के बैनर तले हिंदू संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइंस स्थित अनाथालय से कचहरी तहसील तक विशाल रैली निकाली। इस दौरान राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया, जिसमें गोवंश को लेकर कड़े कानून बनाने की मांग की गई है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि गो-तस्करी और गोवध को संज्ञेय व गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा जाए। संगठन के नेताओं ने कहा कि दोषियों को न केवल आजीवन कारावास की सजा मिले, बल्कि उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को भी कुर्क किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के सभी कसाईखानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की भी पुरजोर मांग उठाई।

गो सेवा एवं संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सोनू ठाकुर, अमित राठौर और संजय शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है, जहां गोमाता आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा हैं। उन्होंने चिंता जताई कि देशी गोवंश आज विलुप्ति के कगार पर है। ज्ञापन में मांग की गई कि देशी गाय को ‘राष्ट्रमाता’ या ‘राष्ट्र-आराध्या’ और उत्तर प्रदेश में ‘राज्यमाता’ का दर्जा दिया जाए। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 48 में संशोधन कर केंद्रीय गो सेवा एवं संरक्षण अधिनियम लागू करने की अपील की गई है।

संगठनों ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि आजादी के समय जो अनुपात प्रति व्यक्ति 10 गोवंश का था, वह अब घटकर 10 व्यक्ति पर मात्र 1 गोवंश रह गया है। गोवंश को बचाने के लिए ज्ञापन में कई अहम सुझाव दिए गए:

हर ग्राम पंचायत में नंदीशाला और जिले में आदर्श गोशाला का निर्माण हो।

राजमार्गों पर गो-एम्बुलेंस और गो-ट्रॉमा सेंटर की सुविधा मिले।

स्कूलों के पाठ्यक्रम में ‘गो-विज्ञान’ विषय शामिल किया जाए।

प्राकृतिक खेती और पंचगव्य आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और सरकार को उत्तर प्रदेश को ‘सुरक्षित गो प्रदेश’ बनाने के लिए अब निर्णायक कदम उठाने होंगे।

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