BSP: गांव और मोहल्लों तक पहुंचेंगे बसपाई, लोगों से स्थापित करेंगे संवाद

BSP: गांव और मोहल्लों तक पहुंचेंगे बसपाई, लोगों से स्थापित करेंगे संवाद

BSP: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो बसपा अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत करने के साथ-साथ पिछड़े वर्गों में भी पैठ बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। हाल ही में बसपा मुख्यालय में पिछड़ा वर्ग भाईचारा कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने प्रदेश भर से जुड़े कार्यकर्ताओं और भाईचारा कमेटी के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव और मोहल्लों तक पहुंचकर लोगों से संवाद स्थापित करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर छोटी-छोटी बैठकों का आयोजन कर पार्टी की विचारधारा को लोगों तक पहुंचाया जाए और समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाए।

ब्राह्मण समाज को जोड़ने की कोशिश भी जारी

राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो बसपा फिर अपनी पुरानी सोशल इंजीनियरिंग की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी जहां अपने पारंपरिक दलित वोट बैंक को मजबूत करने में जुटी है, वहीं सवर्ण वर्ग, खासकर ब्राह्मण समाज को भी साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा पिछड़े वर्गों में राजनीतिक आधार बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी का सबसे ज्यादा फोकस गैर-यादव पिछड़ी जातियों पर है। इसी उद्देश्य से प्रदेश भर में भाईचारा कमेटियों को सक्रिय किया गया है।

बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने विभिन्न जिलों में कमेटियों द्वारा अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा भी की और आगामी चुनाव को देखते हुए जनसंपर्क अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए। बसपा का मानना है कि सामाजिक समीकरणों को साधकर और विभिन्न वर्गों को साथ जोड़कर वह 2027 विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत कर सकती है। ऐसे में पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और पिछड़े वर्गों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।

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