शहर की बेटी ने बढ़ाया मान, मैंगो मैन ऑफ इंडिया ने किया सम्मानित
बरेली: शहर की छात्रा ऐशानी अग्रवाल को विश्व आम दिवस के मौके पर पद्मश्री हाजी कलीमुल्लाह खान ने प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। मैंगो मैन ऑफ इंडिया के नाम से पहचाने जाने वाले हाजी कलीमुल्लाह खान ने यह सम्मान मलिहाबाद स्थित अब्दुल्लाह नर्सरी की ओर से उनकी पहल एग्रोमैंगो के लिए दिया। ऐशानी कक्षा 12 की छात्रा हैं। उनके पिता डॉ. अमरेश कुमार हृदय रोग विशेषज्ञ और मां डॉ. तनु अग्रवाल पैथोलॉजिस्ट हैं। दोनों श्री राम मूर्ति स्मारक में कार्यरत हैं। परिवार के आम के बाग मलिहाबाद में हैं।
ऐशानी ने बताया कि बचपन की छुट्टियां इन्हीं बागों में बीतीं और वहीं उन्होंने देखा कि जिस आम की पहचान देश भर में है, उसका पूरा दाम छोटे बागवान तक नहीं पहुंचता। उनका कहना है कि यहीं से इन बागवानों के लिए कुछ करने का विचार आया। गर्मी की छुट्टियों में वह लखनऊ में ही रहीं और दिन बागों में बीते। अब तक पट्टी के 1500 से अधिक छोटे बागवानों के बीच 1,12,000 से अधिक कवच सुरक्षा बैग और 100 से अधिक किसान सुरक्षा किट नि:शुल्क बांटे जा चुके हैं।
आईसीएआर दे रही इन बैग को बढ़ावा
यह वही बैग है, जिसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) बढ़ावा दे रही है। बैग फल को पेड़ पर ही सुरक्षित रखता है और रासायनिक छिड़काव की जरूरत कम करता है। उनके मुताबिक बैग बांट देना पर्याप्त नहीं था। वह खुद बागों में जाकर पेड़ पर बैग बांधकर दिखाती रहीं, ताकि बागवान अगली फसल में यह काम अपने हाथ से कर सकें।

अवध आम उत्पादक एवं बागवानी समिति के सहयोग से हुए जागरूकता सत्रों में 760 से अधिक किसान शामिल हुए। संस्था इरादा के अनुसार 650 से अधिक बागवानों को किसान उत्पादक संगठनों से जोड़ा गया है। बागवानों को सीधे शहरी उपभोक्ताओं से भी जोड़ा गया, जिससे उन्हें मंडी के मुकाबले अधिक दाम मिल सका। ऐशानी अपनी नानी को प्रेरणा स्रोत मानती हैं। उन्होंने कहा कि जब यह सिर्फ एक विचार था, तब भी नानी ने हौसला बढ़ाया। हाजी कलीमुल्लाह खान ने मलिहाबाद के लघु बागवानों के बीच किए गए इस काम के लिए ऐशानी को आशीर्वाद दिया।
ऐशानी को पहले भी मिला है प्रमाण पत्र
इससे पहले 14वें मैंगो फेस्टिवल में उत्तर प्रदेश पर्यटन और लखनऊ फार्मर्स मार्केट की ओर से भी ऐशानी को प्रमाण पत्र दिया जा चुका है। मेटा एग्रीटेक ने भी उनकी पहल को मान्यता दी है।



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