बरेली: पिछले कुछ दिनों में बहेड़ी और मीरगंज तहसील में गेहूं की खड़ी फसल में आग लगने की घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बढ़ती तपिश और आग की बढ़ती वारदातों को देखते हुए जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में आ गया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने जिले की सभी छह तहसीलों के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी ने साफ किया है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, आग लगने की आशंकाएं भी बढ़ती जाएंगी। इसके लिए प्रशासन ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। जिले की सभी तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व कर्मी और खंड विकास अधिकारियों (BDO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी तरह मुस्तैद रहें। इसके साथ ही, जिले के तमाम फायर स्टेशनों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि सूचना मिलते ही बिना देरी किए दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच सकें और बड़े नुकसान को समय रहते रोका जा सके।
मौके पर होगा नुकसान का सटीक आकलन
डीएम अविनाश सिंह ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जहां भी आग लगने की घटना घटती है, वहां संबंधित अधिकारी को तुरंत पहुंचना होगा। बहेड़ी में हुई घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि एसडीएम और तहसीलदार को मौके पर जाकर निरीक्षण करने को कहा गया है।
प्रशासन का मानना है कि केवल दफ्तर में बैठकर रिपोर्ट तैयार करने के बजाय मौके पर जाकर घटना के असली कारणों और वास्तविक क्षति का पता लगाया जाना चाहिए। इससे नुकसान का सटीक डेटा तैयार हो सकेगा और किसी भी पात्र किसान का हक नहीं मरेगा।
मुआवजे के लिए मुख्यमंत्री के निर्देशों का हवाला
उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि दैवीय आपदा या आगजनी की स्थिति में पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए। प्रशासन इसी दिशा में काम कर रहा है। चाहे गेहूं के खेत में आग लगी हो, किसी की झोपड़ी जली हो या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा से नुकसान हुआ हो, हमारी टीम सर्वे के बाद जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी। राहत कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि गर्मी के मौसम में आग की घटनाएं एक बड़ी चुनौती होती हैं। बहेड़ी और मीरगंज की घटनाओं के बाद हमने पूरी टीम को संवेदनशील बना दिया है। हमारी कोशिश है कि किसान भाई को हुई हानि का तत्काल आकलन कर उसे मुआवजा दिलाया जाए। शासन की मंशा के अनुरूप हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आपदा की घड़ी में प्रशासन किसानों के साथ खड़ा रहे और उन्हें समय पर आर्थिक मदद मिल सके।