मध्यप्रदेश के क्रूज हादसे में एक्शन, पायलट समेत तीन बर्खास्त; एक कर्मचारी सस्पेंड
जबलपुर: मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में पर्यटन विभाग का क्रूज डूबने से अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन के अनुसार, 28 लोगों को बचा लिया गया है। तीन बच्चों सहित चार लोग लापता हैं। शुक्रवार शाम तक लापता लोगों का पता नहीं चल सका। रेस्क्यू के दौरान वहां तेज बारिश भी होने लगी। इसके बाद सर्चिंग रोक दी गई है। शनिवार सुबह 5 बजे से एक बार फिर सर्चिंग की जाएगी।
इधर, जबलपुर के बरगी जलाशय में हुए दुखद क्रूज हादसे के बाद प्रशासन ने लापरवाही के मामले में कड़ा कदम उठाया है। क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
सीएम बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस मामले में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में लगभग 43 से 47 पर्यटक थे। टिकट सिर्फ 29 लोगों की कटी थी। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ, जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक, SDRF ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ।
मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50 हजार
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दु:ख जताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवार जनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। शाम को उन्होंने घटना स्थल का जायजा लिया। हादसे में बचे लोगों से भी मिले।
वहीं, प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे हैं, लेकिन उनका हैरान करने वाला बयान सामने आया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।



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