लोकसभा में SIR को लेकर विपक्ष का हंगामा, वेल में पहुंचे सांसद; खड़गे ने कहा- लोकतंत्र को बचाना जरूरी

लोकसभा में SIR को लेकर विपक्ष का हंगामा, वेल में पहुंचे सांसद; खड़गे ने कहा- लोकतंत्र को बचाना जरूरी

नई दिल्‍ली: शीतकालीन संसद सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार (02 दिसंबर) को भी SIR के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन जारी है। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही सभी विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ सांसद वेल तक पहुंच गए। स्पीकर ने इस दौरान प्रश्नकाल को जारी रखा, लेकिन विपक्ष लगातार 20 मिनट तक ‘वोट चोर- गद्दी छोड़’ के नारे लगाता रहा।

इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी। उधर, राज्यसभा में भी विपक्ष का प्रदर्शन और नारेबाजी जारी है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘लोकतंत्र की रक्षा के लिए विरोध-प्रदर्शन जरूरी है।’ इससे पहले विपक्ष ने सुबह 10: 30 बजे संसद परिसर में मकर द्वार के सामने लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया। इनकी मांग है कि सरकार SIR इस पर फौरन चर्चा करे।

रिजिजू ने कहा था- चर्चा के लिए तैयार, लेकिन समय सीमा न थोपें

सत्र के पहले दिन (1 दिसंबर) दोनों सदनों में SIR और वोट चोरी के आरोप के मुद्दे पर विपक्ष ने हंगामा किया था। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में बताया था कि सरकार SIR और चुनावी सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है। विपक्ष से अपील कि वह इस पर कोई समय सीमा न थोपें।

भाजपा सांसद ने कहा- SIR पर चर्चा होगी, लेकिन प्रश्नकाल में नहीं

भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने कहा, ‘विपक्ष निराश है, क्योंकि बिहार चुनाव में बीजेपी को 200 से अधिक सीटें मिलीं। भारत की जनता एक विकसित भारत चाहती है। SIR पर चर्चा होगी, लेकिन प्रश्नकाल के दौरान हंगामा करना गलत है।”

खड़गे ने कहा- लोकतंत्र को बचाने के लिए विरोध जारी रखेंगे

SIR के खिलाफ विपक्ष के विरोध पर कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कहते हैं, ‘हम लोकतंत्र को बचाने और अन्याय के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे।’

केंद्रीय मंत्री गिरिराज ने कहा- सरकार हमेशा चर्चा के लिए तैयार

संसद गतिरोध पर रेणुका चौधरी का विवादित बयान, कहा- अरे तुम नालायक हो

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान ‘विपक्ष सदन को न चलने देने के बहाने ढूंढता है’ पर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा, ‘अरे तुम नालायक हो तो हम क्या करें, तुमको चलाना नहीं आता तो हम क्या करें। हम मुद्दा भी ना उठाएं। हम सांसद हैं और लोगों की आवाज उठाना हमारा कर्तव्य है।’

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