Bengal Elections: संजय सिंह का सवाल- विरोधियों को पीटने और कार्यालय जलाने का अधिकार किसने दिया?
Bengal Elections: आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बंगाल चुनाव परिणाम के बाद सामने आई हिंसा, राजनीतिक हमलों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर भाजपा, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने वाली पार्टी को जश्न मनाने, मिठाई बांटने और खुशी मनाने का पूरा अधिकार है, लेकिन चुनाव हारने वालों को पीटना, उनके कार्यालय जलाना, कार्यकर्ताओं को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर मारना और भय का माहौल बनाना किसी लोकतंत्र में स्वीकार नहीं किया जा सकता। संजय सिंह ने जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अगर देश से प्यार है तो अब चुप बैठने का समय नहीं है। देश को लोकतंत्र की लूट, चुनावी धांधली और तानाशाही से बचाने के लिए जनता को सड़क से संसद तक आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजों की तानाशाही के खिलाफ गांव-गांव जाकर लोगों को संगठित किया था, उसी तरह आज लोकतंत्र, संविधान और निष्पक्ष चुनाव बचाने के लिए देशव्यापी जन आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है।
संजय सिंह ने कहा कि बंगाल से जो तस्वीरें और दृश्य सामने आ रहे हैं, वे बेहद खतरनाक और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पूरा गोदी मीडिया इस हिंसा पर खामोश है और केंद्र की मोदी सरकार भी मौन धारण किए बैठी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश बंगाल को मणिपुर बनाना चाहता है? क्या पूरे राज्य में हिंसा फैलाने की तैयारी की जा रही है? उन्होंने कहा कि यही भाजपा का असली चरित्र है। जिन क्षेत्रों में भाजपा का राजनीतिक विस्तार होता है, वहां हिंसा, गुंडागर्दी और लोगों के अधिकारों को कुचलने की राजनीति शुरू हो जाती है।
पूरा सरकारी तंत्र मौन दर्शक बन गया
संजय सिंह ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही केंद्रीय सुरक्षा बल गायब हो गए, चुनाव आयोग की सख्ती भी खत्म हो गई और पूरा सरकारी तंत्र मौन दर्शक बन गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए हजारों करोड़ रुपये पानी की तरह बहाती है, ईडी, सीबीआई और पुलिस जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग करती है, गोदी मीडिया को प्रचार मशीन की तरह इस्तेमाल करती है और चुनाव आयोग को अपने एजेंट की तरह उपयोग करती है। उन्होंने कहा कि एसआईआर जैसे माध्यमों से लाखों वोट कटवाए जाते हैं और उसके बाद लोकतंत्र को लूटकर लोकप्रियता का ढोल पीटा जाता है।
संजय सिंह ने कहा कि बंगाल में लेनिन की मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं, टीएमसी के कार्यालय जलाए जा रहे हैं, कार्यकर्ताओं को पीटा जा रहा है और ममता बनर्जी के रिश्तेदार तक पोलिंग बूथों पर अपमानित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह राजनीति बंगाल को मजबूत नहीं करेगी और न ही इससे देश आगे बढ़ेगा। इससे न तो लोगों को रोजगार मिलेगा, न बिजली-पानी की व्यवस्था सुधरेगी, न सड़कें बनेंगी और न ही स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल हिंसा, अवैध वसूली और गुंडागर्दी का नया रोजगार युवाओं को दे रही है। संजय सिंह ने कहा कि यह समय निराश होने या घर बैठने का नहीं है। जब अत्याचार बढ़ता है, तब अत्याचार के खिलाफ लड़ने वालों की संख्या भी बढ़नी चाहिए।



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