रिद्धिमा में गूंजी बारिश की बूंदों के साथ कथक की धुन, “द मानसून” में अद्भुत प्रदर्शन
बरेली: एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार (19 जुलाई) की शाम “द मानसून” कार्यक्रम में बारिश की बूंदों के साथ कथक की धुन गूंजी। कथक के गुरुओं और विद्यार्थियों ने अपने अद्भुद प्रदर्शन से दर्शकों को लुभाया। कथक के विद्यार्थियों गौरा, युतिका, पंखुड़ी, अवनी, प्रनिका, वर्णिका, प्रकृति, वैदेही, गुरनूर, आयत, रित्विका, नित्या जैन, कायरा, विवक्षा, मधुर कुकरेजा, त्रिशिका, गौरीका, क्षमा अग्रवाल, समृद्धि, कारुण्या, तृप्ता वर्मा, अनाया, नितारा, अनिका, गौरवी, अवियाना, मीरा, जोया, अनुभूति, नित्या अग्रवाल, नित्या डिंगरा ने इठलाती बलखाती गाने की ट्रैक रिकार्डिंग पर अपने कथक के भावों के साथ कार्यक्रम का आरंभ किया।
विद्यार्थियों ने नित्या कटारा चतुरंग, गौड मल्हार तराना, मेघ मल्हार, बरसे बदरिया सावन की और घिरघिर आई बदरिया कारी जैसे गीत पर भी अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कथक गुरु अंशु शर्मा ने बरसात की लयबद्ध धुन पर दर्शकों को बारिश की बूंदों से भिगोया। अंत में कथक गुरु देबज्योति नस्कर और रियाश्री चटर्जी ने सखी मोही रुनझुन बादल बरसे पर अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन किया।

ये इन्होंने किया प्रदर्शन
“द मानसून” कार्यक्रम में गायन गुरु प्रियंका ग्वाल और सात्विक मिश्रा ने अपने स्वरों के साथ और वाद्ययंत्र गुरुओं दीपकांत जौहरी एवं अमरनाथ (तबला), ऋषभ देव पाठक (पखावज), अनीश मिश्रा (सारंगी), सीमा (सितार), पवन भारद्वाज (पवन भारद्वाज), अनुग्रह सिंह (ड्रम), विशेष सिंह (गिटार), डेरिक अमन जेम्स (कीबोर्ड) ने भी अपने वाद्ययंत्रों के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुज कुमार ने किया।

इस मौके पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देवमूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऋचा मूर्ति, देविशा मूर्ति, उषा गुप्ता, डॉ. रजनी अग्रवाल, सुभाष मेहरा, डॉ. एमएस बुटोला, डॉ. प्रभाकर गुप्ता, डॉ. मनोज कुमार टांगड़ी, डॉ. रीता शर्मा सहित शहर के गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।



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