दिल्ली के जंतर-मंतर पर भीड़ बेकाबू, बैरिकेडिंग तोड़ी; पुलिस ने किया लाठीचार्ज; वांगचुक ने रखीं तीन शर्तें
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के पहले सोमवार को पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने आ गए है। पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी है। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने नहीं दे रही है। 10 हजार से ज्यादा लोग मौजूद हैं। इससे भीड़ बेकाबू हो गई है। लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
#WATCH | Delhi | Protesters gathered for CJP's protest march clash with RPF personnel at Jantar Mantar; RPF personnel & police use lathis for crowd control pic.twitter.com/gijaCjJksW
— ANI (@ANI) July 20, 2026
सीजेपी का मार्च सुबह 9 बजे शुरू होना था, लेकिन बैरिकेडिंग की वजह से दे हो रही है। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि हमें कोई नहीं रोक सकता है। पुलिस का कहना है कि मार्च की परमिशन नहीं दी है।
भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए, अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने के लिए जनता जाग चुकी है, देश का युवा जाग उठा है, भाजपा का अंत नजदीक आ गया है pic.twitter.com/bF7aV32BbV
— Samajwadi Party Media Cell (@mediacellsp) July 20, 2026
सोनम वांगचुक ने रखीं तीन शर्तें
उधर, 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने की 3 शर्तें रखी हैं। पहली- सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक की जिम्मेदारी ले। दूसरी- CJP प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने दिया जाए और सांसद मुद्दा उठाने का भरोसा दें। तीसरी- स्वास्थ्य कारणों से ऐसा संभव न हो तो सांसद सफदरजंग अस्पताल आकर यही आश्वासन दें।
AISA के 3 स्टूडेंट लीडर्स की भूख हड़ताल खत्म
दिल्ली के जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन स्टूडेंट लीडर्स की भूख हड़ताल खत्म हो गई। अभिनेता शबाना आजमी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा और अभिनेता प्रकाश राज ने उन्हें पानी पिलाकर अनशन खत्म कराया। तीनों पिछले 23 दिनों से सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल कर रहे थे।
वांगचुक की पत्नी फिर दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचीं
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंगमो आज फिर दिल्ली हाईकोर्ट गई हैं। कल कोर्ट ने सफदरजंग अस्पताल में जारी वांगचुक के इलाज में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। अपनी अपील में आंगमो ने तर्क दिया कि सिंगल जज का रविवार का आदेश बिना किसी गिरफ्तारी के वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में अवैध रूप से हिरासत में रखता है और प्रभावी रूप से यह निर्देश देता है कि एक्टिविस्ट या उनकी पत्नी दोनों के पास ही उनके इलाज को तय करने का निर्णायक अधिकार नहीं है। अपील में कहा गया कि यह आदेश “सूचित सहमति” (इन्फॉर्मड कंसेंट) या किसी व्यक्ति के चिकित्सा उपचार को स्वीकार या अस्वीकार करने के अधिकार का समाधान नहीं करता है।
CJP बोली- सरकार बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रही है
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार हमसे बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहा है। प्रशासन काफी देर से आया है, लेकिन हमने कहा है कि हम उनसे बात करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फिलहाल उनकी तरफ से कोई साफ जवाब नहीं आया है और अब फैसला उनके हाथ में है।
#WATCH | Delhi: Saurav Das, Chief Spokesperson, Cockroach Janta Party, says, "The administration is trying to open talks with the government. They have come very late, but we have opened our hearts and said that we are willing to talk to them. There has been no clarity from their… pic.twitter.com/XU1Bi7pQa1
— ANI (@ANI) July 20, 2026



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