Siddaramaiah बोले- मैं वही करूंगा जो राहुल गांधी कहेंगे

Siddaramaiah बोले- मैं वही करूंगा जो राहुल गांधी कहेंगे

Siddaramaiah: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में लंबे समय से चल रहा पॉवर ट्रांसफर का रास्ता अब साफ हो गया है. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में चली कई दौर की बैठकों के बाद राहुल गांधी ने सिद्धरामैया पर मुख्यमंत्री पद छोड़ने का दबाव बनाया, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने पर सहमति जताई. बताया जा रहा है कि सिद्दारमैया ने शुरुआत में 2 सप्ताह का समय मांगा था, ताकि वो जातीय जनगणना रिपोर्ट पेश कर सकें. सिद्धरामैया ने गुरुवार (28 मई) को मंत्रियों के साथ मीटिंग की, जिसके बाद तस्वीर साफ हो गई है.

क्या बोले मुख्यमंत्री सिद्धरामैया

मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने कर्नाटक कैबिनेट के मंत्रियों के साथ मीटिंग में कहा कि राहुल गांधी जो कहेंगे, मैं वही करूंगा. उन्होंने अपनी कैबिनेट के सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया है. उन्होंने बैठक में मंत्रियों से कहा कि वह पद छोड़ देंगे. उन्होंने बताया कि मुझसे कहा गया है कि मैं किसी नए चेहरे के लिए जगह बनाऊं. मैं पार्टी हाईकमान की बात को मान रहा हूं और इस्तीफा दे रहा हूं. बता दें कि 2023 विधानसभा चुनाव में कर्नाटक में कांग्रेस की प्रचंड जीत के बाद डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ ढाई-ढाई साल के लिए सत्ता की साझेदारी को लेकर सहमति बनी थी और सिद्धरामैया पहले ही तय अवधि से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं.

राहुल गांधी ने मीटिंग में क्या कहा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल गांधी ने बंद कमरे में बैठकों के दौरान सिद्धरामैया से कहा कि पार्टी की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पुराने वादे का सम्मान जरूरी है. इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में हैं. राहुल गांधी ने दोनों नेताओं (सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार) से संयुक्त और अलग-अलग बैठकें कर पार्टी एकता बनाए रखने की अपील की.

डीके शिवकुमार ने छुए सिद्धरामैया के पैर

कर्नाटक में गुरुवार को बेंगलुरु स्थित मुख्यमंत्री आवास पर ब्रेकफास्ट बैठक का आयोजन किया गया, जहां मुख्यमंत्री सिद्धरामैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक-दूसरे को गले लगाया. बैठक के दौरान डीके शिवकुमार ने सिद्धरामैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद भी लिया. कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों की मौजूदगी में हुई इस मुलाकात को पार्टी की एकजुटता और राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.

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