राम मंदिर ट्रस्ट ने अचानक बदली बैठक की जगह, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला संभव

राम मंदिर ट्रस्ट ने अचानक बदली बैठक की जगह, चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला संभव

अयोध्‍या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद सोमवार (06 जुलाई) को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक होगी। इसमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला होगा। सूत्रों के मुताबिक, दोनों का इस्तीफा मंजूर होना तय है।

रविवार देर रात अचानक बैठक की जगह बदल दी गई। अब दोपहर 3 बजे मणिरामदास छावनी की जगह राम मंदिर परिसर में बैठक होगी। इसके पीछे दो मुख्य वजहें सामने आई हैं। पहली- सुरक्षा कारण। दूसरी- मीडिया से दूरी।

चंपत राय और अनिल मिश्रा को भी बुलाया

बैठक में चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को भी बुलाया गया है। दोनों ने 26 जून को इस्तीफा दिया था। 05 फरवरी, 2020 को बने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हर बैठक को अब तक चंपत राय ही लीड करते थे।

इधर, सूत्रों से पता चला है कि चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी मोजों और जेब में नोट छिपाकर ले जाते थे। पुलिस ने आईटी एक्सपर्ट की मदद से डिलीट किए गए CCTV रिकवर कर लिए हैं। फुटेज में आरोपी चोरी करते दिखे हैं, हालांकि उनके चेहरे साफ नहीं दिख रहे हैं। पुलिस फुटेज की क्वालिटी बेहतर कराने में जुटी है।

राम मंदिर ट्रस्ट बैठक के 5 बड़े एजेंडे

चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला।

दान पेटियों की रकम पर SIT की रिपोर्ट पर चर्चा।

मंदिर की व्यवस्था और आगे की योजनाओं की समीक्षा।

2025-26 की ऑडिट और वित्तीय रिपोर्ट को मंजूरी।

जरूरत पड़ने पर अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा।

क्या चंपत राय ट्रस्ट में बने रहेंगे?

महासचिव पद छोड़ा, ट्रस्टी पद पर स्थिति साफ नहीं।

अगर सिर्फ महासचिव पद का इस्तीफा स्वीकार हुआ, तो ट्रस्टी बने रहेंगे।

अगर ट्रस्टी पद भी छोड़ा, तो नए सदस्य के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी।

ट्रस्ट के सदस्य को हटाने का क्या है नियम?

कोई ट्रस्टी, अगर ट्रस्ट के हितों के खिलाफ काम करता है, तो उसे दो-तिहाई बहुमत से हटाया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए पहले ट्रस्टी को कारण बताओ नोटिस देना अनिवार्य है। उन्हें ट्रस्ट सदस्यों के सामने अपना पक्ष रखने का मौका देना होगा। फिर ट्रस्ट इस पर अपना निर्णय लेता है।

इसी तरह किसी ट्रस्टी के इस्तीफा देने का भी नियम तय है। ट्रस्टी कम से कम एक महीने का लिखित नोटिस देकर इस्तीफा दे सकता है। सिर्फ इस्तीफा भर देने से पद समाप्त नहीं होता। ट्रस्ट इसे रिकॉर्ड करता है और अगली बैठक में विचार करके स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है।

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