BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिले कैबिनेट मंत्री संजय निषाद, मछुआ समाज के लिए की ये मांग
लखनऊ: निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नितिन नबीन से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात नितिन नबीन के उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के द्वितीय दिवस के प्रवास के दौरान ताज होटल में संपन्न हुई।
मुलाकात के दौरान डॉ. संजय कुमार निषाद ने वर्ष 2019 में बीजेपी के साथ हुए गठबंधन के समय सामाजिक न्याय एवं मछुआ समाज से जुड़े जिन प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी थी, उन्हें नितिन नबीन के समक्ष विस्तार से रखा।
मछुआ समाज को मिले अनुसूचित जाति (SC) का लाभ
डॉ. संजय निषाद ने सामाजिक न्याय के मुद्दे पर पुरजोर तरीके से अपनी बात रखी। उन्होंने सेंसस मैनुअल 1956 का हवाला देते हुए मछुआ समाज की स्थिति को स्पष्ट किया:
जातियों का समूह है मझवार: डॉ. निषाद ने कहा कि जिस प्रकार उत्तराखण्ड में शिल्पकार कोई एक जाति नहीं बल्कि जातियों का समूह है, ठीक उसी प्रकार उत्तर प्रदेश में भी मझवार कोई एक जाति नहीं बल्कि जातियों का समूह है।
आरक्षण के दायरे में आएं ये पुकारू नाम: उन्होंने मांग की कि अनुसूचित जाति की सूची में सूचीबद्ध मझवार/तुरैहा के पर्यायवाची व पुकारू नामों जैसे- केवट, मल्लाह, बिंद, कहार, धीवर, रैकवार, बाथम, निषाद, कश्यप, तरमाली तथा भर व राजभर (शिल्पकार की कुम्हार, प्रजापति सहित) को भी इसी श्रेणी में परिभाषित किया जाए, ताकि पूरे मछुआ समाज को अनुसूचित जाति का वास्तविक लाभ मिल सके।
दयनीय स्थिति के लिए सपा-बसपा जिम्मेदार: उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में मछुआ समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति अनुसूचित जाति के समुदायों से भी अधिक गंभीर है। पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सरकारों ने केवल राजनीतिक दुर्भावना के कारण मछुआ समाज के हक, हकूक और अधिकारों को उनसे छीनने का काम किया।
गठबंधन अटूट है, आगामी चुनाव में मिले सम्मानजनक प्रतिनिधित्व
डॉ. संजय निषाद ने बीजेपी और निषाद पार्टी के रिश्तों को वैचारिक रूप से मजबूत बताते हुए कहा कि निषाद पार्टी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आत्मीय सखा महाराज गुह्यराज निषाद के आदर्शों एवं पदचिह्नों पर चलने वाली पार्टी है। राजनीति में मर्यादा, अनुशासन और सिद्धांतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर परिस्थिति में गठबंधन धर्म का पूरी निष्ठा के साथ पालन किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि आज का समाज पहले की अपेक्षा अधिक जागरूक है। लोकतांत्रिक राजनीति में मर्यादा एवं शालीनता बनाए रखते हुए भी अपनी बात प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाई जा सकती है। इसी समर्पण के आधार पर उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि आगामी विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी को उसके जनाधार, संगठनात्मक क्षमता और गठबंधन के प्रति समर्पण के अनुरूप उचित व सम्मानजनक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा।
शेष समर्पित कार्यकर्ताओं के समायोजन की मांग
कैबिनेट मंत्री ने कार्यकर्ताओं के हक की बात करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में सरकार गठन के समय से ही शीर्ष नेतृत्व के साथ कार्यकर्ताओं के समायोजन पर सकारात्मक चर्चा होती रही है। इसी का परिणाम है कि आज प्रदेश के विभिन्न आयोगों एवं निकायों में निषाद पार्टी के अनेक कार्यकर्ताओं को स्थान मिला है।
अंत में उन्होंने आग्रह किया कि अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता शेष हैं, जिन्हें अवसर नहीं मिल सका है। अत: उन सभी कार्यकर्ताओं का भी विभिन्न आयोगों, निगमों एवं निकायों में जल्द से जल्द समुचित समायोजन सुनिश्चित किया जाए।



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