मेलबर्न में पीएम मोदी बोले- भारत-ऑस्ट्रेलिया का साथ बढ़ना जरूरी, इससे दोनों को फायदा
मेलबर्न: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम और इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत और ऑस्ट्रेलिया ने भविष्य की मजबूत साझेदारी की नींव रखी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और ऊर्जा संकट से जूझ रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया का भरोसेमंद पार्टनर के रूप में साथ आगे बढ़ना जरूरी है। साथ मिलकर काम करने से दोनों देशों को नए बाजारों तक पहुंच का फायदा मिला है।
दुनिया अनिश्चिचतता और एनर्जी क्राइसिस के दौर से गुजर रही
मेलबर्न में कारोबारियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की बिजनेस पावर और बिजनेस एम्बिशन के दर्शन एकसाथ हो रहे हैं। आज दुनिया अनिश्चितता, सप्लाई चेन डिसरप्शन और एनर्जी क्राइसिस के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया का ट्रस्टेड पार्टनर के रूप में आगे बढ़ना स्वाभाविक और जरूरी है।
Addressed the Australia-India CEO Forum in Melbourne this morning. Since 2023, this forum has gained remarkable momentum, reflecting the growing confidence in our economic partnership.
I thank PM Anthony Albanese for joining the interaction and sharing his vision for taking our… pic.twitter.com/6GDcsAkJUv
— Narendra Modi (@narendramodi) July 9, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बिजनेस को नए मार्केट एक्सेस का लाभ मिला है। लेकिन हम यहीं नहीं रुकेंगे। अब हम व्यापक ‘सीका’ (CECA) समझौता करने की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। इन प्रयासों से दोनों देशों की सरकारों ने एक नया रनवे तैयार किया है। इस पर इन्वेस्टमेंट और इनोवेशन का विमान उड़ान भरने को तैयार है। आप सभी को इसे नई ऊंचाई पर ले जाना है।
भारत ने न्यूक्लियर सेक्टर को निजी कंपनियों के लिए खोल दिया
कारोबारियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि कुछ महीने पहले भारत ने न्यूक्लियर सेक्टर को निजी कंपनियों के लिए खोल दिया है। हमने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम भंडार भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा को नई गति दे सकते हैं। हमारे लिए इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के हिस्टोरिक मौके हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम मिलकर लो कार्बन एल्युमिनियम, ग्रीन आयरन और क्लीन मैन्युफैक्चरिंग पर काम कर सकते हैं। AI मिशन, क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर प्रोग्राम के तहत भारत सरकार ने 10 बिलियन डॉलर से ज्यादा का सहयोग दिया है। हम डेटा सेंटर, AI, क्वांटम, सेमीकंडक्टर और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के सेक्टर में मिलकर ग्लोबल सॉल्यूशन तैयार कर सकते हैं।
भारत में पेंशन की बचत एक पवित्र अमानत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के पेंशन फंड्स आज 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक एसेट्स मैनेज करते हैं। भारत में पेंशन की बचत को एक पवित्र अमानत माना जाता है। हम इसे सिर्फ कैपिटल नहीं, करोड़ों परिवारों का भरोसा मानते हैं। भारत आपके फंड्स को सेफ, स्टेबल और सस्टेनेबल ग्रोथ का अवसर देता है।
#WATCH | Melbourne, Australia: Prime Minister Narendra Modi says, "Australian pension funds currently manage assets exceeding four trillion dollars. In India, pension savings are regarded as a sacred trust… India offers your funds opportunities for safe, stable, and sustainable… pic.twitter.com/YEl9jMEeMN
— ANI (@ANI) July 9, 2026
एजुकेशन और स्किल्स में दोनों देशों के बीच नेचुरल सिनर्जी
मोदी ने कहा- हमारा प्रयास रहेगा कि आपका ट्रस्ट भी बढ़े और आपका कैपिटल भी बढ़े। एजुकेशन और स्किल्स में दोनों देशों के बीच नेचुरल सिनर्जी है। डीकिन यूनिवर्सिटी और वोलोंगोंग यूनिवर्सिटी ने गिफ्ट सिटी में कैंपस खोलकर नया अध्याय शुरू किया है। यह भारत के प्रति उनके कॉन्फिडेंस का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हम स्टूडेंट मोबिलिटी को टैलेंट पार्टनरशिप में बदलें। इन सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए एक महत्वपूर्ण आयाम पर ध्यान देना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा- हमें हमारे राज्यों, छोटे शहरों, यूनिवर्सिटीज, उद्योगों, सभी को स्टेकहोल्डर बनाना होगा। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के क्रिटिकल मिनरल स्ट्रेंथ को ओडिशा और गुजरात की मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटी से जोड़ सकते हैं। क्वींसलैंड और तस्मानिया की क्लीन एनर्जी और एग्रीकल्चर एक्सपर्टीज पंजाब, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के रिन्यूएबल कॉरिडोर और फूड प्रोसेसिंग इकोसिस्टम को नई गति दे सकती हैं। साउथ ऑस्ट्रेलिया की डिफेंस, स्पेस और मैन्युफैक्चरिंग कैपेबिलिटी यूपी और केरल के साथ नए अवसर बना सकती हैं।
ऑस्ट्रेलिया के यूरेनियम भंडार भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा के लिए जरूरी
मेलबर्न में मोदी ने कहा- यहां क्लीन एनर्जी से जुड़ी कई कंपनियां मौजूद हैं। भारत में हम हाइड्रो प्रोजेक्ट, ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर मॉड्यूल और विंड टर्बाइन के निर्माण का मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं। भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता हासिल करने और 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलिया की तकनीक, पूंजी और प्राकृतिक संसाधन इस लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
#WATCH | Melbourne, Australia: Prime Minister Narendra Modi says, "Many companies associated with clean energy are present here. We are building a manufacturing ecosystem in India for hydro projects, green hydrogen, solar modules, and wind turbines. India has set a target of… pic.twitter.com/R4DBINw9j8
— ANI (@ANI) July 9, 2026
उन्होंने आगे कहा- हमने 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य भी तय किया है। ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम भंडार भारत की परमाणु ऊर्जा यात्रा के लिए बेहद अहम हैं। भारत के पोर्ट, एयरपोर्ट, सड़कों, रेलवे और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलिया के निवेशकों के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम के साथ ली सेल्फी
कार्यक्रम के बाद ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने मोदी के साथ सेल्फी ली। पीएम 6 से 11 जुलाई तक तीन देशों के दौरे पर हैं। पीएम आज मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में 40 हजार भारतवंशियों को संबोधित करेंगे। मोदी और पीएम अल्बनीज के बीच मीटिंग होगी, जिसमें ट्रेड डील पर चर्चा हो सकती है। पीएम मोदी 11 जुलाई को न्यूजीलैंड रवाना होंगे।
भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच डिफेंस डील भी संभव
पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच डिफेंस डील संभव है। दोनों देशों के प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया के कई कारोबारियों से भी मुलाकात करेंगे।



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