क्या आपको नहीं मिली PM किसान की 23वीं किस्त? इन गलतियों को तुरंत सुधार लीजिए
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त पर किसानों की नजर है। 23वीं किस्त में सरकार ने 9.44 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में ₹2000 भेजे, लेकिन लाखों किसानों को पैसा नहीं मिला। आधार, ई-केवाईसी, बैंक खाते या अन्य तकनीकी कारणों से उनकी किस्त अटक गई। कुछ किसान ऐसे भी हैं, जो अब तक इस योजना से नहीं जुड़े हैं। 24वीं किस्त समय पर पाने के लिए क्या करना होगा और किन गलतियों से बचना जरूरी है?
कृषि मंत्रालय के आधिकारिक डेटा के मुताबिक, किस्त रुकने के पीछे सरकार के पास बजट की कमी नहीं, किसानों के डिजिटल रिकॉर्ड का मिसमैच होना है। इसलिए जरूरी है कि अपने स्टेटस में इन 4 चीजों को चेक करें:-
e-KYC का अधूरा होना– सरकार ने धोखाधड़ी और फर्जी लाभार्थियों को रोकने के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया है। जिन किसानों ने फेस-ऑथेंटिकेशन या OTP से अपनी पहचान वेरिफाई नहीं की, सिस्टम उनका पैसा होल्ड पर डाल देता है।
‘फार्मर ID’ न बना होना- यूपी में पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा अब केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो ‘किसान रजिस्ट्री’ पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। अगर आपकी 12 अंकों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, तो आगामी किस्तों का पैसा रोका जा सकता है।
DBT और बैंक खाता लिंक न होना- पीएम किसान का पैसा सीधे बैंक खाते में नहीं, बल्कि ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के जरिए भेजा जाता है। इसके लिए आपका बैंक अकाउंट आधार से जुड़ा होना चाहिए। उस पर NPCI मैपिंग एक्टिव होनी चाहिए।
खेत का वेरिफिकेशन न होना- आपके खेत की डिटेल यानी खसरा-खतौनी आपकी किसान डिजिटल प्रोफाइल से लिंक होना चाहिए। अगर लेखपाल या राजस्व विभाग के पोर्टल पर आपकी जमीन का वेरिफिकेशन ‘No’ दिख रहा है, तो किस्त रुक जाएगी।
रुकी किस्त वापस पाने का आसान तरीका
अगर आपकी किस्त रुकी है, तो आप इसे खुद अपने मोबाइल से ठीक कर सकते हैं। इसके बाद आपकी रुकी हुई राशि अगली किस्त के साथ जोड़कर यानी ₹2000 + ₹2000 = ₹4000 ट्रांसफर कर दी जाएगी।
ऑनलाइन e-KYC करें– पीएम किसान की ऑफिशियल वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। दाहिनी ओर ‘e-KYC’ के ऑप्शन पर क्लिक करें। अपना आधार नंबर दर्ज करें। मोबाइल पर आए OTP को सब्मिट करें। आपकी e-KYC पूरी हो जाएगी। आप ‘PM-Kisan Mobile App’ पर फेस-ऑथेंटिकेशन से भी इस प्रोसेस को पूरा कर सकते हैं।
बैंक खाते को DBT से जोड़ें- अपने बैंक की शाखा में जाएं और वहां ‘DBT/NCPI मैपिंग’ का फॉर्म भरें। बैंक कर्मचारी आपके खाते को सरकारी DBT सर्वर से लिंक कर देगा।
आधार कार्ड को खेती की जमीन से जोड़ें- अगर पोर्टल पर लैंड सीडिंग ‘No’ दिख रहा है, तो अपनी खतौनी की नकल लेकर लेखपाल से मिलें। वे वेरिफिकेशन के बाद इसे ऑनलाइन ‘Yes’ कर देंगे।
नए किसान पहली बार योजना से कैसे जुड़ें?
पीएम किसान योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलता है, जिनके नाम पर 01 फरवरी, 2019 से पहले खेती योग्य जमीन ट्रांसफर हो चुकी है। अगर इसके बाद जमीन मिली है, तो वह केवल पिता या पति की मृत्यु के बाद नाम आने पर के मामले में ही मान्य होगी। नई खरीदी गई जमीन पर तुरंत लाभ नहीं मिलता।
अगर आपके नाम खेती योग्य जमीन है और अभी तक इस योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं, तो आप नीचे दी गई प्रक्रिया के तहत नया रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।



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