AI समिट में पीएम मोदी ने दिया भगवान बुद्ध का यह संदेश, एआई भविष्‍य को लेकर कही ये बात

AI समिट में पीएम मोदी ने दिया भगवान बुद्ध का यह संदेश, एआई भविष्‍य को लेकर कही ये बात

नई दिल्‍ली: नई दिल्‍ली में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य सत्र संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पूरी दुनिया से अपील की कि तकनीक के इस दौर में आ रहे बदलावों को मानवता के लिए एक बड़े अवसर में बदलें। पीएम मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सफलता सही समझ और सही काम पर टिकी है।

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने AI के भविष्य को लेकर भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत बुद्ध की धरती है। भगवान बुद्ध ने सिखाया था कि सही काम हमेशा सही समझ से आता है। उन्होंने जोर दिया कि एआई के लिए एक ऐसा रास्ता (रोडमैप) बनाना जरूरी है, जो सही इरादे और सही समय पर लिए गए फैसलों पर आधारित हो। तभी एआई का असली और सकारात्मक असर दिखेगा।

पीएम ने की एआई इकोसिस्‍टम की वकालत

पीएम मोदी ने एक ऐसे एआई इकोसिस्टम की वकालत की, जो संवेदनशील हो और जिसमें इंसान केंद्र में हो। उन्होंने भरोसा जताया कि यह समिट एक नैतिक और जिम्मेदार डिजिटल भविष्य बनाने में मदद करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि इंसानों ने हर चुनौती को एक नए मौके में बदला है। आज एआई के रूप में हमारे पास फिर से ऐसा ही मौका है।

सहयोग की अहमियत बताते हुए पीएम मोदी ने कोरोना महामारी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उस संकट के दौरान दुनिया ने देखा कि मिलकर काम करने से नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है। वैक्सीन बनाने से लेकर सप्लाई चेन चलाने और लोगों की जान बचाने तक, सब कुछ आपसी सहयोग से ही सफल हुआ। एआई के क्षेत्र में भी दुनिया को इसी तरह साथ आने की जरूरत है।

कई बड़ी हस्तियां रही मौजूद

इस समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और दुनिया के बड़े उद्योगपतियों ने भी हिस्सा लिया। यह पहली बार है जब ‘ग्लोबल साउथ’ के किसी देश में इतना बड़ा एआई समिट हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ है। एआई का इस्तेमाल भी इसी सिद्धांत पर होना चाहिए ताकि पूरी मानवता का भला हो सके।

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