बसपा नेता का हत्यारोपी मुस्तफिजुल एनकाउंटर में ढेर, पुलिस कस्टडी से फिल्‍मी अंदाज में भागा था

बसपा नेता का हत्यारोपी मुस्तफिजुल एनकाउंटर में ढेर, पुलिस कस्टडी से फिल्‍मी अंदाज में भागा था

गोरखपुर/आजमगढ़: उत्‍तर प्रदेश स्‍पेशल टास्‍क फोर्स (UP STF) ने बहुजन समाज पार्टी के नेता की हत्या के आरोपी बदमाश मुस्‍तफिजुल को सोमवार रात एनकाउंटर में ढेर कर दिया। उस पर एक लाख रुपये का इनाम था। एसटीएफ और पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर और आंख के पास गोली लगी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

यह मुठभेड़ जिला मुख्यालय से 10 किमी दूर रामनगर करजहा में हुई। 30 मिनट चली मुठभेड़ में दोनों तरफ से 15 राउंड फायरिंग हुई। बदमाश मुस्तफिजुल हसन ने चार साल पहले बसपा नेता कलामुद्दीन उर्फ कमालू की हत्या की थी। कलामुद्दीन ने आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

ठिकाने बदलता रहता था आरोपी

मुस्तफिजुल लगातार ठिकाने बदलता रहता था, इसलिए पुलिस उसे पकड़ नहीं पा रही थी। दिसंबर 2024 में पुलिस ने मुस्तफिजुल को गुजरात से गिरफ्तार किया था, लेकिन आजमगढ़ लाते समय वह महाराष्ट्र के अमरावती रेलवे स्टेशन के पास टॉयलेट जाने का बहाना कर चलती ट्रेन से कूद गया था।

मुस्तफिजुल आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला था। उसके खिलाफ आजमगढ़ (8), हरदोई (1) और महाराष्ट्र के अमरावती (1) में हत्या, लूट जैसी धाराओं में 10 मुकदमे दर्ज थे।

पुलिस ने रोका तो फायरिंग की, जवाबी फायरिंग में ढेर

STF और पुलिस को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल कुशीनगर की ओर जा रहा है। STF और पुलिस ने रामनगर-कड़जहां फोरलेन पर चेकिंग शुरू कर दी। रात 11 बजे मुस्तफिजुल बाइक से आया। टीम ने रुकने का इशारा किया, लेकिन वह बाइक मोड़कर भागने लगा। पीछा किया तो फायरिंग कर दी। एक गोली STF के हेड कॉन्स्टेबल महेंद्र सिंह को लग गई।

इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। मुस्तफिजुल को दो गोलियां लगीं और वह सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस घायल सिपाही और बदमाश को खोराबार प्राइमरी हेल्थ सेंटर (PHC) लेकर आई। रात 1 बजे इलाज के दौरान मुस्तफिजुल की मौत हो गई। मौके से पुलिस ने .32 बोर की पिस्टल, एक बाइक और कारतूस बरामद किए।

बदमाश के भाई की हत्या के आरोपी थे बसपा नेता कमालुद्दीन

मुस्तफिजुल हसन उर्फ बाबू भी खुंदनपुर गांव का रहने वाला था। पिता जमालुद्दीन खेती-किसानी करते थे। उसके तीन भाइयों की बीमारी की वजह से मौत हो चुकी है। एक भाई दुबई में रहता है और एक भाई गांव में ही रहता है।

साल 2013 में उसके एक भाई कामरान की हत्या हो गई थी। बसपा नेता कमालुद्दीन हत्याकांड में आरोपी थे। इसके बाद से ही कमालुद्दीन के परिवार को दुबई से लगातार धमकियां भी मिल रही थीं। हत्याकांड का एक आरोपी अब भी फरार है।

बसपा नेता की 2021 में हुई हत्या

यूपी STF के अनुसार, बसपा नेता कमालुद्दीन भी खुंदनपुर गांव के रहने वाले थे। लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलिंग करते थे। 15 फरवरी, 2021 को उनकी हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान आजमगढ़ पुलिस को माफिया मुख्तार अंसारी का सीधा कनेक्शन मिला था। उसके गैंग से जुड़े दो फरार बदमाश अली शेर और मसरूर भी वारदात में शामिल थे।

Previous post

दुबग्‍गा के राष्ट्र प्रेरणा स्थल तक दौड़ेगी मेट्रो, परियोजना पर 750 करोड़ खर्च का प्रस्ताव

Next post

POCSO कानून के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, पूछा- सरकार कैसे रोकेगी लड़का-लड़की को भागने से?

Post Comment

You May Have Missed