Reels में चुलबुले, पर असल जिंदगी में बेहद सीरियस हैं कपिल कनपुरिया, माँ ने खोला राज!
शैलेंद्र सिंह
डिजिटल दुनिया में अक्सर जो दिखता है, वो होता नहीं और जो होता है, वो दिखता नहीं। इंस्टाग्राम की रील्स पर अपने कनपुरिया लहजे और चुलबुले अंदाज से मिलियंस (लाखों) चेहरों पर मुस्कान बिखेरने वाले ‘कपिल कनपुरिया’ (कपिल शुक्ला) की असल जिंदगी की कहानी भी उनकी रील्स की तरह ही दिलचस्प और जमीन से जुड़ी है। मिडिल क्लास परिवार के संघर्षों से निकलकर ओटीटी (OTT) की स्क्रीन तक का सफर तय करने वाले कपिल आज अपनी मां और पत्नी के साथ मिलकर डिजिटल कंटेंट क्रिएशन का एक नया पारिवारिक मॉडल पेश कर रहे हैं। हाल ही में ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ सीजन 2 के प्रमोशन के लिए लखनऊ पहुंचे कपिल और उनके इस सफर की सबसे मजबूत रीढ़ उनकी माता जी पुष्पा शुक्ला ने खास बातचीत में कपिल की बचपन की यादें और संघर्ष से सफलता तक की कहानी पर प्रकाश डाला। पढ़िए विशेष बातचीत के अंश…
सवाल: हम अक्सर रील्स के जरिए कपिल को लोगों को हंसाते हुए देखते हैं। क्या कपिल बचपन से ही ऐसे थे या यह सब सिर्फ सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए की जाने वाली एक्टिंग है?
पुष्पा शुक्ला (माँ): कपिल बचपन से ही थोड़ा मजाकिया और चुटीले स्वभाव का था, लेकिन रील लाइफ (परदे की जिंदगी) और रियल लाइफ (असल जिंदगी) में काफी अंतर होता है। हाँ, यह जरूर है कि उसके बचपन की कुछ आदतें आज भी उसके अंदर वैसी की वैसी ही हैं।
सवाल: कपिल के बचपन का ऐसा कोई मजेदार वाकया जो आपको आज भी याद हो?
पुष्पा शुक्ला: (मुस्कुराते हुए) एक बार मेरा ₹50 का नोट खो गया था, जिसे मैंने भूलवश ड्रेसिंग टेबल में रख दिया था। मैंने जब कपिल से पूछा कि ‘कहीं तुमने या दीदी ने तो नोट नहीं लिया?’ तो उसने कहा कि ‘नहीं, मैं तो सो रहा था।’ जब काफी ढूंढने के बाद मैंने जब ड्रेसिंग टेबल को दो-तीन बार फिर से खोल कर देखा, तो नोट वहीं मिल गया। नोट मिलने पर जब मेरे चेहरे पर मुस्कान आई, तो पीछे से कपिल ने आकर मुझे इतनी तेजी से कोहनी मारी और हंसते हुए कहा, “आपको नोट मिल गया ना!” मुझे आज भी याद है कि उसने इतनी जोर से मारा था कि दर्द के मारे मेरी हंसी छूट गई थी। खैर, सच यह भी है कि उसे बचपन से ही न तो चोरी की आदत थी और न ही पैसों का कोई लालच। आज भी जब वह पैसे कमाता है, तो पहले मेरे माथे से लगाता है और फिर भगवान के पास रख देता है।
सवाल: जब कपिल ने पहली बार आपसे रील बनाने के लिए कहा, तो क्या आपने तुरंत इजाजत दे दी थी या शुद्ध कनपुरिया अंदाज में डांट लगाई थी?
पुष्पा शुक्ला: शुरुआत में जब मैंने उसे रील बनाते देखा, तो कड़े लहजे में डांटते हुए कहा था, “यह सब क्या ‘लोफरपंती’ वाले काम कर रहे हो!” मुझे खुद कॉमेडी कम पसंद थी और मैं स्वभाव से थोड़ी गंभीर रहती थी। जब उसने मुझसे वीडियो में आने को कहा, तो मैंने साफ मना कर दिया कि ‘मुझसे यह सब मत करवाओ, मुझे राजू श्रीवास्तव की तरह कॉमेडी करना पसंद नहीं है।’ लेकिन वह पीछे ही पड़ गया। कहने लगा कि ‘मम्मी, सिर्फ एक बार जो मैं कह रहा हूँ, वह बोल दीजिए।’ बस, उस एक बार के बाद उसने धीरे-धीरे मुझसे दोबारा एक्टिंग करवाई और देखते ही देखते हम लोग साथ में कंटेंट बनाने लगे।

सवाल: कपिल रील्स में तो बेहद चुलबुले और नटखट नजर आते हैं, असल जिंदगी (Real Life) में वे कैसे हैं?
पुष्पा शुक्ला: कपिल असल जिंदगी में रील के बिल्कुल उलट है। वह रियल लाइफ में काफी गंभीर (सीरियस) और शांत रहता है। वह सारी चुलबुलाहट और हंसी-मजाक सिर्फ कैमरे के सामने रील के लिए ही करता है।
सवाल: पहले एक्टिंग, फिर सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएशन और अब ओटीटी (OTT) पर सफलता; बेटे के इस संघर्ष से सफलता के सफर को एक माँ के रूप में आप कैसे देखती हैं?
पुष्पा शुक्ला: (भावुक होते हुए और आँखों में गर्व के आंसू लिए…) मुझे आज एक माँ के रूप में बहुत अच्छा महसूस होता है। मैं दावे के साथ कह सकती हूँ कि कपिल जैसा बेटा किसी को नहीं मिलेगा। आज इतनी बड़ी सफलता और शौहरत पाने के बावजूद, कपिल का जमीन से जुड़ाव वैसा ही है। वह आज भी रात को मेरे और अपने पिता के पैर दबाए बिना सोने नहीं जाता। वह हमारा और पूरे परिवार का बहुत ख्याल रखता है। मैं ईश्वर से हर जन्म में यही प्रार्थना करूंगी कि अगले सात जन्मों तक यही मेरा बेटा बने।



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