SCO में आतंकवाद के खिलाफ भारत को बड़ी जीत, पाकिस्तानी PM की मौजूदगी में पहलगाम हमले की निंदा

SCO में आतंकवाद के खिलाफ भारत को बड़ी जीत, पाकिस्तानी PM की मौजूदगी में पहलगाम हमले की निंदा

नई दिल्‍ली/बीजिंग: चीन में शंघाई सहयोग परिषद (SCO) सम्‍मेलन के दूसरे दिन भारत को बड़ी सफलता मिली है। घोषणापत्र में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की गई है। इस दौरान पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ भी मौजूद थे। घोषणा पत्र में कहा गया कि इस हमले के अपराधियों, आयोजकों और उन्हें समर्थन देने वालों को सजा दिलाना जरूरी है।

गौरतलब है कि इससे पहले जून में हुई रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान एससीओ के घोषणापत्र में पहलगाम हमले का जिक्र भी नहीं था। इसे लेकर भारत ने नाराजगी जताई थी। साथ ही इस पर साइन करने से इनकार कर दिया था।

कुछ देशों को आतंकवाद के खुले समर्थन की छूट क्यों?: मोदी

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन दौरे के आज आखिरी SCO की बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद को दुनिया के लिए खतरा बताया। उन्होंने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए इसे आतंकवाद का सबसे बुरा रूप बताया। मोदी ने कहा कि भारत आतंकवाद को पिछले चार दशकों से झेल रहा है। उन्‍होंने सवाल उठाया कि कुछ देशों का आतंकवाद को खुला समर्थन कैसे स्वीकार किया जा रहा है?

SCO में आतंकवाद के खिलाफ भारत को बड़ी जीत, पाकिस्तानी PM की मौजूदगी में पहलगाम हमले की निंदा

SCO मतलब, सिक्योरिटी, कनेक्टिविटी और अपॉर्चुनिटी

SCO की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे इस सम्मेलन में शामिल होकर खुशी हो रही है। मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग का शानदार स्वागत के लिए आभार व्यक्त करता हूं। आज उज्बेकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस है, मैं उन्हें भी बधाई देता हूं।

उन्‍होंने कहा कि भारत ने SCO में एक सकारात्मक भूमिका निभाई है। उन्होंने संगठन के लिए भारत की सोच और नीति को तीन स्तंभों पर आधारित बताया। ये तीन स्तंभ S- सिक्योरिटी, C- कनेक्टिविटी और O अपॉर्चुनिटी है।

आतंकवाद पूरी मानवता के लिए चुनौती

पीएम मोदी ने कहा कि सुरक्षा, शांति और स्थिरता किसी भी देश के विकास का आधार हैं। लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद इस राह में बड़ी चुनौतियां हैं। आतंकवाद सिर्फ एक देश की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक साझा चुनौती है। कोई भी देश, कोई भी समाज, कोई भी नागरिक इससे खुद को सुरक्षित नहीं मान सकता।

भारत चार दशक से आतंकवाद झेल रहा

SCO बैठक में नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का दंश झेल रहा है। हाल ही में हमने पहलगाम में आतंकवाद का सबसे बुरा रूप देखा। मैं इस दुख की घड़ी में हमारे साथ खड़े मित्र देश के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।

आतंकवाद को खुला समर्थन स्वीकार्य नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आतंकवाद पर किसी भी तरह का दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, यह हमला मानवता में विश्वास रखने वाले हर देश और व्यक्ति के लिए चुनौती है। ऐसे में यह स्वाभाविक सवाल है कि क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद को दिया जा रहा खुला समर्थन स्वीकार किया जा सकता है।

एकसाथ दिखे मोदी-पुतिन-जिनपिंग

प्रधानमंत्री मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन SCO के मंच पर एक साथ नजर आए। तीनों नेता आपस में बात करते देखे गए। इस दौरान तीन देशों की ट्रायो डिप्लोमेसी देखने को मिली। मोदी बोले- पुतिन से मिलना हमेशा खुशी की बात होती है।

जिनपिंग बोले- यह संगठन आतंकवाद, अलगाववाद , उग्रवाद के खिलाफ

SCO बैठक को संबोधित करते हुए चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि यह संगठन आतंकवाद, अलगाववाद, उग्रवाद के खिलाफ है। जिनपिंग ने कहा कि चीन SCO को आगे ले जाने का काम करेगा। उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक नीति में धमकाना नामंजूर है।

पुतिन ने यूक्रेन मुद्दे पर भारत-चीन की तारीफ की

SCO की बैठक में पुतिन ने कहा कि मैं यूक्रेन में संकट को हल करने के लिए भारत और चीन के प्रयासों की सराहना करता हूं।

SCO मेंबर्स को 281 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ग्रांट

SCO समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस साल शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन के सदस्य देशों को 2 बिलियन युआन यानी करीब 281 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ग्रांट देने की घोषणा की। यह मदद सदस्य देशों की आर्थिक और विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए होगी।

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