जब से ये जुमलेवादी सरकार आई, तब से….Akhilesh ने भाजपा को ख़ूब सुनाया
Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी के मद्देनज़र समाजवादी पार्टी ने पीडीए समीकरण को मजबूत करने का अभियान शुरू कर दिया है। सपा प्रमुख ने सरकार बनने पर 90 दिन में जातीय जनगणना कराने और 69000 शिक्षक भर्ती प्रकरण के समाधान का वादा भी किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समाजवादी पीडीए आडिट रिपोर्ट का पहला भाग पेश किया। इसमें वर्ष 2019 से अब तक 22 भर्तियों में पीडीए के 11,514 आरक्षित पदों की लूट के आरोप लगाए गए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती आदि अन्य परीक्षाएं शामिल हैं। सपा प्रमुख ने पार्टी मुख्यालय पर पत्रकार वार्ता में कहा कि पीडीए आरक्षण में खुली लूट हुई है और यह एक बड़ा घोटाला है।
अखिलेश ने कहा, भाजपा आरक्षण खत्म करने का षड्यंत्र रच रही है। अब यह लड़ाई पांच प्रतिशत बनाम 95 प्रतिशत की है। सपा प्रमुख ने कहा कि कहा कि पीडीए आरक्षण की लूट का पूरा डाटा मीडिया और जनता के सामने रखा जा रहा है। समय के साथ यह डाटा और बढ़ता जाएगा। जो सरकार पक्षपाती होती है, वह विश्वासघाती होती है। अगर उन्हें बुलडोजर चलाना है तो गैर-बराबरी और आरक्षण की लूट के खिलाफ चलाना चाहिए।
जब से ये जुमलेवादी सरकार आई…
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की थी, जो वर्ष 2014 तक सुचारू रूप से चली। वर्ष 2014 के बाद जब से ये जुमलेवादी सरकार आई, आरक्षण को मारने का इनका सपना एकदम से मुख्य हो गया। अब तक ये जो अंडरग्राउंड थे ये ओवरग्राउंड हो गए। ये चाहते हैं कि वंचित समाज हार कर बैठ जाए और पीडीए समाज मजदूर ही बनाकर रह जाए, जिससे वर्चस्ववादी लोग एक बार फिर से अपना वर्चस्व फैला सके।
भिक्षा नहीं अधिकार है आरक्षण: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि ये डायरेक्ट आरक्षण नहीं खत्म कर पा रहे हैं तो ये लोग इनडायरेक्ट रास्ता अपना रहे हैं। नौकरी में आरक्षण मार रहे हैं और भाजपा सत्ता का फाउल प्ले खेल रही है। भाजपा वो अंपायर है जो नियम और निर्णय में तो बेईमानी कर ही रहा है, कोर्ट रूपी थर्ड अंपायर को भी ये लोग प्रभावित करना चाहते हैं। आरक्षण भिक्षा नहीं अधिकार है। उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा कि इस आडिट रिपोर्ट को घर-घर पहुंचा कर समाज को एकजुट करें। इस बार पीडीए इनको सत्ता से बाहर कर देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को डालर से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें बस रटा दिया गया है कि एक ट्रिलियन डालर इकोनामी। हमारे देश की अर्थव्यवस्था नीचे जा रही है। ये सरकार न कमाने दे रही है, न खर्च करने दे रही है।



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