यूपी होमगार्ड परीक्षा में AI से पेपर सॉल्व कराने का लिया ठेका, केमेस्ट्री प्रवक्ता समेत तीन गिरफ्तार
कानपुर: उत्तर प्रदेश में 42 हजार होमगार्ड पदों पर भर्ती के लिए दूसरे दिन की परीक्षा जारी है। कानपुर में एआई (AI) के जरिए परीक्षा में नकल कराने में पुलिस ने केमेस्टी के लेक्चरर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बीएनएसडी इंटर कॉलेज के प्रवक्ता और शिक्षक नेता अखिलेश ने दो ट्यूशन टीचरों को बगैर ड्यूटी कॉलेज में कक्ष निरीक्षक बनाया।
ये सभी नकल कराने की तैयारी कर रहे थे। पेपर को कॉपी करने के लिए प्रिंटर और AI से सवालों के जवाब के लिए एनसीसी के बंद क्लास में तैयारी की थी। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
27 अप्रैल तक चलेगी परीक्षा
प्रदेश के 1053 केंद्रों पर शनिवार से शुरू हुई परीक्षा 27 अप्रैल तक चलेगी। इसमें 25 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को देखते हुए पूरे प्रदेश में पुलिस अलर्ट मोड पर है। 2 घंटे की परीक्षा 100 अंकों की है, जिसमें वैकल्पिक सवाल पूछे जा रहे हैं।
कानपुर में एनसीसी कमरे में पेपर साल्व करने की थी तैयारी
कानपुर DCP सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि बीएनएसडी इंटर कॉलेज चुन्नीगंज को होमगार्ड परीक्षा का सेंटर बनाया गया है। यहां पर अंग्रेजी के प्रवक्ता ललित बाजपेई को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया था। कॉलेज में दो केन्द्र ब्लाक-ए और ब्लॉक- बी बने हैं। शनिवार को होमगार्ड परीक्षा की दूसरी पाली दोपहर 3 से 5 बजे की थी। दूसरी पाली के सभी अभ्यर्थी अपने कक्षाओं में बायोमैट्रिक कराकर चले गए थे।
ऐसे खुला राज
दोपहर 2 बजकर 55 मिनट पर में ब्लाक ए केंद्र पर एक व्यक्ति परीक्षा कक्ष की तरफ से वाशरूम जा रहा था। सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ लगी पुलिस ने उसे रोका। पूछा कहा जा रहे हैं। उसने बताया मेरा नाम संदीप चंद्र विश्वकर्मा है और मैं कक्ष संख्या-21 में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी कर रहा हूं। चेक करने पर शर्ट के नीचे शील्ड क्वेश्चन पेपर छिपाए हुए थे। पूछने पर उसने बताया कि दूसरे कक्ष के निरीक्षक निर्मल कुमार ने प्रश्न पत्र दिया है। वहां आगे एनसीसी कक्ष में जांच के दौरान मोबाइल और प्रिंटर मिला। जांच में पता चला कॉलेज के प्रवक्ता अखिलेश यादव ने एनसीसी कक्ष की चाबी उसे दी थी।
बगैर ड्यूटी फर्जी तरीके से दो लोगों को कक्ष निरीक्षक बनाया
कक्ष निरीक्षक निर्मल कुमार को बुलाकर पूछा गया तो उन्होने कहा कि हां, मैंने ही पेपर सॉल्व करने के लिए एक पेपर संदीप चन्द्र विश्वकर्मा को दिया है। दोनों की ड्यूटी की जांच शुरू की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
ड्यूटी चार्ट चेक किया गया तो संदीप चन्द्र विश्वकर्मा और निर्मल कुमार के नाम ड्यूटी चार्ट में पाए गए। जिलाधिकारी ऑफिस से जारी कॉलेज से बाहर के कक्ष-निरीक्षकों की सूची से मिलान किया गया तो उस लिस्ट में संदीप कुमार विश्वकर्मा एवं निर्मल कुमार का नाम नहीं पाया गया।
तीनों को किया गया गिरफ्तार
DCP सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि जांच में सामने आया कि कॉलेज में कार्यरत केमेस्ट्री के प्रवक्ता अखिलेश यादव ने अनुपस्थित अभ्यर्थी की ओएमआर शीट भरकर उसे उपस्थित दिखाने की साजिश रची थी। दोनों ट्यूशन टीचर संदीप चंद्र विश्वकर्मा और निर्मल कुमार की गलत तरीके से ड्यूटी लगाई गई थी। इस वजह से तीनों के खिलाफ FIR दर्ज करके अरेस्ट कर लिया गया।



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