सीएम योगी ने की परिवार से मुलाकात, बोले- ललिता गौतम हत्याकांड के दोषी बचेंगे नहीं, पांच लाख की मदद
गाजियाबाद: गाजियाबाद में ललिता गौतम के परिवार से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात की। उन्होंने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में लगभग आधे घंटे तक ललिता के परिवार से बात की। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे। उन्होंने परिवार को 5 लाख की आर्थिक मदद, पिता और चाचा को एक-एक मुख्यमंत्री आवास देने का ऐलान किया। पुलिस अफसरों से अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली।
इससे पहले, पूर्व आईपीएस और मंत्री असीम अरुण सुबह साढ़े 9 बजे ललिता गौतम के परिवार को मेरठ से लेकर गाजियाबाद पहुंचे। मेरठ में बीए की दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या हुई थी। शव 17 मई को गन्ने के खेत में मिला था।
पुलिस ने किया था लाठीचार्ज
पुलिस कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों ने 08 जुलाई को कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया था। एसएसपी अविनाश पांडेय ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को थप्पड़ मारे। पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसके बाद मामला ने तूल पकड़ लिया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख सांसद चंद्रशेखर ने परिवार से मुलाकात की थी।
इससे पहले, शुक्रवार रात 9 बजे योगी गाजियाबाद के मुरादनगर में अपनी रिश्ते की बहन पुष्पा चौधरी के घर पहुंचे। राजनगर एक्सटेंशन स्थित एमजीआई घरौंदा सोसाइटी में योगी के पहुंचते ही लोग फ्लैट से बाहर निकल आए। ‘जय श्रीराम’ के जयकारे लगाने लगे। योगी 45 मिनट तक बहन के घर पर रुके। हाल-चाल पूछा। बाद में बच्चों के साथ फोटो खिंचवाई।
योगी ने पीड़ित परिवार से क्या कहा?
सीएम योगी ने ललिता गौतम हत्याकांड पर दु:ख जताया। परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि दोषी पर कड़ा एक्शन होगा। कठोर सजा दिलाई जाएगी। न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। पीड़ित परिवार को आयुष्मान भारत योजना, राशन कार्ड सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया।
परिवार बोला- सीएम से मिलकर तसल्ली हुई
योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद ललिता गौतम के परिवार के सदस्य वेद प्रकाश ने कहा- आज हमारा पूरा परिवार मुख्यमंत्री से मिला। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। कोई छूट नहीं पाएगा। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। हमें यह जानकर तसल्ली हुई कि जो अपराधी अभी भी फरार हैं, उन्हें भी सबूतों के आधार पर जेल भेजा जाएगा।
अखिलेश-चंद्रशेखर ने भी की थी पीड़ित परिवार से मुलाकात
अखिलेश यादव ने छह दिन पहले शनिवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। अखिलेश ने दिल्ली में सरकारी आवास पर 1 घंटे 15 मिनट तक ललिता के परिवार से बंद कमरे में बात की थी। उन्हें 2 लाख रुपये का चेक सौंपा था। अखिलेश ने परिवार को फोन कर दिल्ली मिलने के लिए बुलाया। कैराना सांसद इकरा हसन माता-पिता और भाई को लेकर दिल्ली पहुंचीं। अखिलेश ने ललिता के पिता से कहा था- बेटी को न्याय मिलेगा। सरकार बनने पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देंगे।
इससे पहले, 10 जुलाई को सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मेरठ में ललिता के परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने सांसद ने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा- “न्याय नहीं मिला तो लखनऊ में आंदोलन करेंगे और लोकसभा में भी मामला उठाएंगे।”



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