केंद्र सरकार ने CBSE के चेयरमैन और सचिव को हटाया, OSM के टेंडर की जांच के आदेश
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मंगलवार (02 जून) को बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। इसके अलावा, OSM सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
ओएसएम प्रणाली में गड़बड़ी का खुलासा करने वाले 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत आज दोपहर एक बजे संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए। ऐसा पहली बार हुआ कि किसी मामले में कोई स्टूडेंट अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया।
CBSE Chairman, Secretary transferred; Centre orders probe into OSM service procurement
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— ANI Digital (@ani_digital) June 2, 2026
री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक
उधर, CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक हुआ। CBSE के अनुसार, 2 मिनट में 15 लाख एक्सेस अटेंप्ट हुए, जबकि 01 लाख से ज्यादा बार सिस्टम की फाइलों तक बिना अनुमति पहुंचने की कोशिश की गई। हालांकि, साइबर अटैक के बावजूद पोर्टल काम करता रहा और दोपहर 3 बजे तक 16 हजार से ज्यादा छात्रों ने आवेदन कर दिया। यह पोर्टल सोमवार से शुरू होना था।
दरअसल, 13 मई को CBSE ने 12वीं का रिजल्ट जारी किया था। इस बार पहली बार कॉपियां कंप्यूटर स्क्रीन (OSM सर्विस) पर चेक की गई थीं। रिजल्ट आने के बाद कई छात्रों ने नंबरों को लेकर शिकायत की, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई है।
स्टूडेंट ने संसदीय समिति को बताया- OSM में 15 खामियां
सार्थक सिद्धांत ने संसद की स्थायी समिति के सामने OSM प्रणाली के लागू होने और इसके टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी बात रखी। सार्थक सिद्धांत ने कहा, ‘मेरे ब्लॉग के अनुसार कम से कम 15 खामियां हैं।’ इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने CBSE से कोएम्प्ट (COEMPT) को टेंडर देने को लेकर बोर्ड से रिपोर्ट मांगी।
संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बताया, ‘सार्थक ने समिति के समक्ष अपनी बात रखी है। अब समिति उनके उठाए गए मुद्दों और CBSE के जवाबों पर विचार करेगी।’
OSM की गड़बड़ी सामने लाने वाले दो छात्र
वेदांत से बोर्ड ने मांफी मांगी: दिल्ली के वेदांत श्रीवास्तव ने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। फिजिक्स में 65 नंबर मिले तो उन्होंने आवाज उठाई। रीवैल्युएशन में कॉपी मिली तो गड़बड़ी का पता चला। पहले उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। ट्रोलर्स ने उन्हें देशद्रोही तक कहा, बाद में बोर्ड ने गलती मानी और माफी मांगी।
सार्थक ने टेंडर में गड़बड़ी निकाली: रांची के 17 साल के सार्थक सिद्धांत टेक रिसर्चर हैं। उन्होंने भी परीक्षा दी थी। उन्होंने एक आम छात्र से आगे बढ़कर एक खोजी पत्रकार/डेटा साइंटिस्ट की तरह काम किया। सीबीएसई की तरफ से जारी पिछले 576 दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन और तुलना कर टेंडर में गड़बड़ी का खुलासा किया।



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