PM मोदी ने कहा- पेपर लीक के दोषियों को सजा मिलेगी, इस पर राजनीति न हो; दीपके बोले- मार्च नहीं निकालेंगे
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हो गया है। इस बीच एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक मामले में राजनीति नहीं होना चाहिए। दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।
यह जानकारी संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने दी। उन्होंने बताया कि पीएम ने यह भी विश्वास दिलाया है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
दीपके ने कहा- संसद मार्च नहीं निकालेंगे, वांगचुक का अनशन जारी रहेगा
वहीं, अभिजीत दीपके ने कहा कि सोमवार को संसद मार्च में पुलिस ने बर्बरता की। सोनम वांगचुक ने पुलिस की कार्रवाई देखने के बाद अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है। दीपके ने मंगलवार को कहा कि कल सोनम वांगचुक अपना अनशन खत्म करने वाले थे। हमने उन्हें बड़ी मुश्किल से इसके लिए राजी किया था। कल उनके अनशन का 23वां दिन था। हमने उनसे कहा था कि सर, कृपया अनशन खत्म कर दीजिए। हम आपकी जान को अब और खतरे में नहीं डाल सकते। इस देश के लिए आपका जीवन बहुत कीमती है। वह किसी तरह मान गए थे।
Delhi: Cockroach Janta Party (CJP) founder Abhijeet Dipke says, "…Yesterday, Sonam Wangchuk was about to end his hunger strike. We had persuaded him with great difficulty. Yesterday was the 23rd day of his hunger strike, and we had convinced him with great difficulty to break… pic.twitter.com/vv5e6sAoS0
— IANS (@ians_india) July 21, 2026
उन्होंने बताया कि सोमवार को हुई बर्बरता और पुलिस की कार्रवाई देखने के बाद सोनम सर ने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है। हम फिलहाल संसद मार्च इसलिए नहीं निकाल रहे हैं, क्योंकि इस सरकार और पुलिस ने छात्रों का खून बहाया है। इन्हें छात्रों की कोई परवाह नहीं है, लेकिन हमें है। इसलिए सोनम सर अपना अनशन जारी रखेंगे और आंदोलन भी जारी रहेगा।
संसद मार्च के दौरान दंगा करने का आरोप, 5 लोगों पर FIR
कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ 5 FIR दर्ज की हैं। ये मामले संसद मार्ग, बाराखंभा और कनॉट प्लेस थानों में दर्ज किए गए हैं। इन पर दंगा करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले की धाराओं में दर्ज हुई हैं। पुलिस CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।
सिब्बल ने कहा- सरकार ने लाठीचार्ज क्यों किया
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने नड्डा के बयान पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब बच्चों की मांगें सबको पता थीं, तो सरकार उनके खिलाफ आंसू गैस और लाठीचार्ज का इंतजार क्यों कर रही थी। प्रदर्शन के दौरान भीड़ 12,000 से बढ़कर 50,000 तक पहुंच गई थी, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया।
Nadda :
“…for the first time a proposal came from the protesters to hold talks with the government….
How arrogant !
Our fasting children’s proposals were known to all
What was the government doing ?
Watching and waiting to tear-gas and lathi charge them !
Shameful !
— Kapil Sibal (@KapilSibal) July 21, 2026
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को कहा था कि CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार को हुई बातचीत ‘ठीक’ रही। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना खत्म करने की अपील की है।
प्रियंका गांधी ने कहा– शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी, इस्तीफा दें
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘यह सरकार पूरी तरह युवा विरोधी है। यह युवाओं, गरीबों और किसानों के खिलाफ है। पिछले 12 साल से हम यही देख रहे हैं। जब किसान आंदोलन करते हैं तो उन्हें दबाया जाता है। अब छात्रों की आवाज भी दबाई जा रही है। वे बच्चे हैं, उनकी बात शांतिपूर्वक सुननी चाहिए।’
Delhi: Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, "They are absolutely anti-youth. They are anti-youth, anti-poor, and anti-farmers. It's been 12 years, and we are all seeing this. When farmers protest, you suppress them. Now you are suppressing the children. They are children.… pic.twitter.com/wVdAPWQXeq
— IANS (@ians_india) July 21, 2026
उन्होंने आगे कहा, ‘यह शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी है। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। एक समय था जब मंत्री अपनी जिम्मेदारी लेते थे। मुझे याद है कि 1980 के दशक में एक ट्रेन हादसे के अगले ही दिन मंत्री ने इस्तीफा दे दिया था। इसलिए जिम्मेदारी लीजिए, इस्तीफा दीजिए और सबसे जरूरी, व्यवस्था को ठीक कीजिए।’
केसी वेणुगोपाल ने कहा- हम संसद में मुद्दा उठाएंगे
CJP के प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘सोमवार को सरकार का बेहद क्रूर रवैया देखने को मिला। देशभर से छात्र सिर्फ NEET और CBSE परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करने आए थे।’
उन्होंने आगे कहा कि हम आज फिर संसद में यह मुद्दा उठाएंगे। हमने पहले ही लाठीचार्ज की निंदा करते हुए स्थगन प्रस्ताव दिया है। साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET व CBSE परीक्षा पेपर लीक मामले में स्पष्ट कार्रवाई की मांग की है।’



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