Mahakumbh 2025: कोविंद बोले- राम की बात मानने में झिझक क्यों? चिदानंद सरस्वती ने कही ये बात

Mahakumbh 2025: कोविंद बोले- राम की बात मानने में झिझक क्यों? चिदानंद सरस्वती ने कही ये बात

Mahakumbh 2025: संगम नगरी में आयोजित महाकुंभ का सोमवार को 8वां दिन है। दोपहर 2 बजे तक 44.62 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। अब तक कुल 8.5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। महाकुंभ में मोरारी बापू की कथा में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पत्नी और बेटी के साथ शामिल हुए। उन्‍होंने कहा कि हम श्रीराम को मानते हैं तो उनकी बातों को मानने में झिझक क्यों होती है। वहीं स्वामी चिदानंद सरस्‍वती ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम न बंटेंगे, न बाटेंगे, न डरेंगे, न डराएंगे, न कटेंगे, न लड़ेंगे, न लड़ाएंगे।

रामनाथ कोविंद ने महाकुंभ में मोरारी बापू की कथा में संतों और श्रद्धालुओं से कहा कि मैंने देखा है कि हम श्रीराम को मानते हैं, उनके चरित्र को मानते हैं, उनके चरित्र को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करते हैं, लेकिन राम की नहीं मानते हैं। जहां राम की बात मानने की आती है, वहां हम थोड़े से झिझकने क्यों लगते हैं। यह एक चुनौती है। उन्‍होंने कहा कि राम की बातों को मानने और उनके बताए रास्तों पर कैसे चलें, इसके लिए हमें धीरे-धीरे प्रयास करना होग, जिससे प्रभु श्रीराम का चरित्र हम सब के जीवन में आए। पूर्व राष्‍ट्रपति ने कहा कि आप सब मेरा परिवार हैं। मेरे मन में एक ही बात है कि बापू की श्रीराम कथा श्रृंखला की 950वीं कथा है। यह एक सुखद संयोग है और हम एक हजार श्रीराम कथाओं तक पहुंचने की ओर बढ़ रहे हैं।

Mahakumbh 2025: कोविंद बोले- राम की बात मानने में झिझक क्यों? चिदानंद सरस्वती ने कही ये बात

 

हम न बंटेंगे, न डरेंगे, न लड़ाएंगे: स्‍वामी चिदानंद सरस्वती  

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि अब समय आ गया है कि हमारे दिल और हमारे घर के आगे मोहब्बत लिखा हो। अब समय आ गया है कि हम न बंटेंगे, न बाटेंगे, न डरेंगे, न डराएंगे, न कटेंगे, न लड़ेंगे, न लड़ाएंगे। यही संगम के तट से संगम का संदेश है, जो हमारे देश के संगम को बचा के रखेगा। उन्‍होंने कहा कि समुद्र मंथन संग्राम से शुरू हुआ और संगम तक पहुंचा, अमृत तक पहुंचा। बापू का जीवन संग्राम नहीं, संग-राम को चरित्रार्थ करता है। स्‍वामी चिदानंद ने कहा कि इस बार का कुंभ ग्लोबल कुंभ बन गया है। वास्तव में इस बार का कुंभ अद्भुत है।

Mahakumbh 2025: कोविंद बोले- राम की बात मानने में झिझक क्यों? चिदानंद सरस्वती ने कही ये बात

सांसद सुधा मूर्ति बोलीं- यहां आकर बहुत उत्साहित हूं

राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति महाकुंभ मेले में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंची। उन्होंने कहा- मैं बहुत उत्साहित हूं। 144 साल बाद ये महाकुंभ लग रहा है। मैं यहां 3 दिन रहूंगी।

महाकुंभ में पहुंचना अपने आप में सौभाग्य की बात: सांसद राजीव प्रताप रूडी

भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि महाकुंभ में पहुंचना अपने आप में सौभाग्य की बात है। समय का नक्षत्र ऐसा होता है कि आगमन हो जाता है, यह भगवान की कृपा है। महाकुंभ में करोड़ों लोग विश्वास करते हैं और वह भी बिना किसी विज्ञापन के, बिना किसी प्रचार-प्रसार के। मेरे लिए सौभाग्य की बात मैं अपने परिवार के साथ यहां आया हूं।

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