मोदी जी देश के नहीं, अपने मित्र अडानी के PM हैं; 12 साल में सिर्फ बेरोजगारी, महंगाई और पेपर लीक की ‘सौगात’ मिली: संजय सिंह

मोदी जी देश के नहीं, अपने मित्र अडानी के PM हैं; 12 साल में सिर्फ बेरोजगारी, महंगाई और पेपर लीक की 'सौगात' मिली: संजय सिंह

लखनऊ: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर चौतरफा हमला बोला है। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि गोदी मीडिया, अंधभक्त और भाजपा नेता भले ही इस अवसर को उत्सव की तरह मना रहे हों, लेकिन देश की वास्तविकता इसके उलट है। इन 12 वर्षों में देश की जनता को केवल बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, किसानों की बदहाली और बुलडोजर राजनीति की ‘सौगात’ मिली है।

संजय सिंह ने आरोप लगाया, “नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री कम और अपने मित्र उद्योगपति (अडानी) के हितों के संरक्षक अधिक दिखाई देते हैं। जिन वादों के आधार पर भाजपा सत्ता में आई थी, उनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ।”

रोजगार के नाम पर मिले ’93 पेपर लीक’

नौकरी का वादा विफल: हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा करने वाली सरकार युवाओं को नौकरी देने में पूरी तरह नाकाम रही है। आज बेरोजगारी अपने चरम पर है।

युवाओं के भविष्य से खिलवाड़: रोजगार देने के बजाय इस सरकार ने युवाओं को ’93 पेपर लीक’ दिए हैं। नीट (NEET) जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में हुई धांधली ने करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य अंधकार में डाल दिया है।

‘काला धन’ तो आया नहीं, भ्रष्टाचार कई गुना बढ़ा

15 लाख का वादा जुमला: साल 2014 में विदेशों से काला धन वापस लाने, भ्रष्टाचार समाप्त करने और हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपये देने का वादा किया गया था।

भ्रष्टाचार में वृद्धि: 12 साल बीत जाने के बाद भी काला धन खत्म नहीं हुआ, बल्कि देश के भीतर भ्रष्टाचार और काले धन में कई गुना इजाफा हुआ है।

गरीबों को मकान नहीं, ‘बुलडोजर’ मिला

बेघर हुए गरीब: प्रधानमंत्री ने साल 2022 तक सभी को पक्का मकान देने का वादा किया था, लेकिन भाजपा ने देशभर में गरीबों के आशियानों पर बुलडोजर चलवा दिया।

धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर कार्रवाई: दिल्ली में पूर्वांचल और बिहार के लोगों के घर उजाड़े गए, मद्रासी कैंप को ध्वस्त किया गया। यहाँ तक कि काशी और अयोध्या में भी पुरातन मंदिरों तथा आम लोगों के घरों को तोड़ा गया।

किसानों को दाम के बदले लाठियां और अपमान मिला

आय दोगुनी करने का दावा हवा: किसानों से उनकी फसल का दाम दोगुना करने का वादा किया गया था।

उत्पीड़न की राजनीति: आज जब किसान अपने हक और फसल की सही कीमत मांगते हैं, तो उन्हें सम्मान के बजाय लाठियां और अपमान मिलता है। खाद की एक बोरी मांगने पर भी किसानों का उत्पीड़न किया जाता है। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन में सैकड़ों किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

अर्थव्यवस्था ध्वस्त, महंगाई से टूटी जनता की कमर

रुपये की ऐतिहासिक गिरावट: प्रधानमंत्री कभी कहते थे कि रुपया गिरता है तो देश की प्रतिष्ठा गिरती है। आज भारतीय मुद्रा लगातार कमजोर होकर $1 = ₹97 के स्तर पर पहुंच चुकी है।

रसोई का बजट बिगड़ा: पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम आसमान छू रहे हैं। उज्ज्वला योजना में मिलने वाली सुविधाओं में भारी कटौती की गई है, जहाँ पहले 12 सिलेंडर मिलते थे, अब उपभोक्ता के हिस्से में महज 4 सिलेंडर रह गए हैं।

कॉरपोरेट मित्रों पर मेहरबानी और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता

अडानी सरकार का आरोप: मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में बड़े कॉरपोरेट घरानों का लगभग 17 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया। कोयला, गैस, बिजली, बंदरगाह और हवाई अड्डे जैसे देश के महत्वपूर्ण संसाधन केवल एक कारोबारी समूह (अडानी) के हवाले कर दिए गए।

अग्निवीर योजना पर प्रहार: ‘अग्निवीर योजना’ लाकर देश की सीमाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था के साथ समझौता किया गया है। सेना जैसी महत्वपूर्ण संस्था में अस्थायी व्यवस्था लागू करना युवाओं के साथ सरासर अन्याय है।

लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग

विपक्ष को दबाने की कोशिश: पिछले 12 सालों में ईडी (ED), सीबीआई (CBI) और अन्य संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल केवल राजनीतिक विरोधियों को डराने और विपक्षी दलों को तोड़ने के लिए किया गया है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है। इसके अलावा देश की जनता कभी ‘नोटबंदी की त्रासदी’ को नहीं भूल सकती, जिसमें लाइनों में लगकर 100 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।

जनता से अपील

संजय सिंह ने अंत में कहा कि भाजपा सरकार के 12 वर्षों का मूल्यांकन करते समय देश की जनता को विज्ञापनों और झूठे प्रचार के बहकावे में नहीं आना चाहिए। जनता को वास्तविक परिस्थितियों, बढ़ती आर्थिक असमानता और सरकार की नाकामियों का ईमानदारी से आकलन करना चाहिए।

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