मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, विपक्ष ने जताया बागी सांसदों के मीटिंग में आने का विरोध

मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, विपक्ष ने जताया बागी सांसदों के मीटिंग में आने का विरोध

नई दिल्‍ली: मानूसन सत्र से एक दिन पहले केंद्र सरकार ने रविवार (19 जुलाई) को सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक सुबह 11 बजे संसद भवन एनेक्सी में हुई, जिसमें कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके सहित 10 से ज्यादा विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। हालांकि, 15 मिनट बाद विपक्षी सांसद बाहर आ गए और बैठक का वॉकआउट किया।

विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने TMC के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में क्यों बुलाया। जबकि स्पीकर ओम बिरला ने उनके गुट को अभी तक मान्यता नहीं दी है। हालांकि वॉकआउट सांकेतिक था, विपक्षी सांसद दोबारा मीटिंग में शामिल हुए।

20 जुलाई से मानसून सत्र

उधर, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से संसद के सुचारु संचालन में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा- संसद सभी की है, हंगामे से किसी का फायदा नहीं। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी।

महुआ बोलीं- 20 बागी सांसदों को किस आधार पर न्योता मिला

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, जेएमएम, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वामपंथी दलों और शिवसेना (यूबीटी) समेत पूरे विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक का वॉकआउट किया है। उन्होंने कहा कि टेबल ऑफिस की लिस्ट में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सदस्य संख्या 28 दिखाई गई है, जबकि एनसीपीआई (NCPI) नाम की एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी के 20 बागी सांसदों के विलय को स्पीकर ने मंजूरी नहीं दी है और उनकी अयोग्यता की याचिकाएं अभी लंबित हैं।

महुआ ने सवाल उठाया कि 91वें संशोधन के बाद जब किसी अलग गुट की गुंजाइश ही नहीं है, तो संसदीय कार्य मंत्री ने इन 20 बागी सांसदों को किस आधार पर न्योता दिया? इसी के विरोध में पूरे विपक्ष ने बैठक का बहिष्कार किया है।

स्पीकर ने दी TMC के बागी गुट को अलग बैठने की अनुमति

ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले TMC के 20 बागी सांसदों को शनिवार को लोकसभा में अलग बैठने की मंजूरी मिल गई थी। 15 जून को तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से विलय कर लिया था। हालांकि, विपक्ष का कहना है कि इस गुट को स्पीकर ने अभी मान्यता नहीं दी है।

उधर, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों को मंजूरी दे दी है। 22 जून को उद्धव का साथ छोड़कर 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। ये सांसद भी अब शिंदे गुट के साथ संसद में बैठेंगे।

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