अली खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू, जनाजे में तीन बेटे शामिल; मुजतबा नहीं आए

अली खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू, जनाजे में तीन बेटे शामिल; मुजतबा नहीं आए

तेहरान: पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उनके तीन बेटे मसूद, मेयसम और मुस्तफा शामिल हुए। हालांकि, खामेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी मुजतबा खामेनेई समारोह से दूर रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल से जान का खतरा होने के कारण उन्होंने सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में हिस्सा नहीं लिया।

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार के दौरान लोगों ने ‘किल ट्रम्प’ और ‘किल बीबी’ (इजराइल के प्रधानमंत्री) के नारे लगाए। साथ ही, पूर्व सुप्रीम लीडर का बदला लेने की मांग की। सोमवार को तेहरान की सड़कों से खामेनेई की भव्य अंतिम यात्रा निकाली जा रही है। इसमें लाखों लोगों के शामिल हो रहे हैं। खामेनेई के ताबूत को शहर के प्रमुख मार्गों से ले जाया जाएगा। धार्मिक नेता, सरकारी अधिकारी और सेना के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे।

राष्ट्रगान के साथ खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू

खामेनेई की अंतिम यात्रा सोमवार सुबह तेहरान के इमाम हुसैन स्क्वायर से शुरू हो चुकी है। यात्रा की शुरुआत ईरान का राष्ट्रगान बजाकर की गई। अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए सुबह से ही हजारों लोग सड़कों पर जुटने लगे। खामेनेई के ताबूत को तेहरान के प्रमुख मार्गों से ले जाया जाएगा। इस दौरान वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, धार्मिक नेता और सेना के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि अंतिम यात्रा में लाखों लोग शामिल होंगे।

खामेनेई की अंतिम यात्रा में लाल झंडों के साथ मातम

नेतन्याहू बोले- अमेरिका ही नहीं, भारत भी हमारा मजबूत दोस्त

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका ही नहीं, भारत भी इजराइल का मजबूत दोस्त है। उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें वेंस ने अमेरिका को इजराइल का एकमात्र ताकतवर सहयोगी बताया था। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा, “हमारे कुछ और दोस्त भी हैं, जैसे भारत। 140 करोड़ आबादी वाले इस देश से हमें जबरदस्त समर्थन मिलता है।”

उन्होंने कहा कि भारत ही नहीं, कई अन्य देशों के नेता भी निजी तौर पर इजराइल का समर्थन करते हैं और रक्षा, साइबर सुरक्षा व AI जैसे क्षेत्रों में सहयोग चाहते हैं। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को व्हाइट हाउस में इजराइल का सबसे बड़ा दोस्त बताया, लेकिन कहा कि हर मुद्दे पर उनकी और जेडी वेंस की राय एक जैसी होना जरूरी नहीं है।

खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए 193 बसें तैनात

खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए ईरानी प्रशासन ने 193 बसों की व्यवस्था की है। ये बसें तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तैनात की गई हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और प्रतिनिधिमंडलों को समारोह स्थल तक पहुंचने में सुविधा हो।

पजशकियान बोले- यह खामेनेई की विदाई नहीं, उनके रास्ते पर चलने का संकल्प

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि खामेनेई की अंतिम यात्रा विदाई नहीं, बल्कि उनके रास्ते पर चलने का संकल्प है। उन्होंने कहा, “मैं इसे विदाई नहीं मानता। यह उनके मिशन और विचारों को आगे बढ़ाने का वादा है।”

पजशकियान ने कहा कि अंतिम संस्कार में उमड़ी लाखों लोगों की भीड़ और लोगों की आंखों के आंसू किसी आदेश से नहीं आ सकते। “लोगों का व्यवहार किसी भी भाषण से ज्यादा असरदार होता है और पूरी दुनिया इसे समझती है।”

ईरान बोला- अमेरिका-इजराइल को हमारी ताकत माननी पड़ी

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद गालिबाफ ने कहा कि हालिया MoU अमेरिका और इजराइल की हार और ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ की बड़ी जीत है। ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ ईरान समर्थित संगठनों का गठबंधन है, जिसमें लेबनान का हिजबुल्लाह, यमन के हूती, गाजा का हमास और इराक के हथियारबंद शिया समूह शामिल हैं।

यमन के उपराष्ट्रपति मोहम्मद अल-नुआइमी से मुलाकात के दौरान गालिबाफ ने कहा, “अमेरिका और इजराइल को व्यावहारिक रूप से ईरान के सहयोगी संगठनों को स्वीकार करना पड़ा। यह इस समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।”

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