उन्नाव में बोलेरो पर पलटा गिट्टी लदा डंपर, हादसे में मां-बेटी समेत छह लोगों की मौत
उन्नाव: उन्नाव जिले में कीरतपुर गांव के पास खरही पुल के अंधे मोड़ पर बोलेरो पर पलटने वाले डंपर में गिट्टी लदी थी। इतना ही नहीं उसकी रफ्तार भी तेज थी। इस मार्ग पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में मौरंग और गिट्टी लदे ओवरलोड डंपर निकलते हैं, जो बांदा और हमीरपुर से माल लेकर लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, बहराइच और अयोध्या जाते हैं। बिहार थाना क्षेत्र के कीरतपुर के पास जहां घटना हुई, वहां अंधा मोड़ है। यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
पीडब्ल्यूडी विभाग ने पहले मोड़ पर संकेतक लगाया था, जो टूट गया था। इससे दूर क्षेत्र से आने वाले चालकों को इसका पता नहीं होता और घटनाएं हो जाती है। अगर संकेतक लग जाए तो दुर्घटनाएं बच सकती हैं। दुर्घटनाओं को देखते हुए क्षेत्रीय लोगों ने कई बार इस मार्ग पर ब्रेकर बनवाने की मांग की, लेकिन उच्चाधिकारियों ने नहीं सुनी।
डीएम-एसपी ने जिला अस्पताल में जाना घायलों का हाल
बिहार-बक्सर मार्ग पर कीरतपुर गांव के पास हुए हादसे की सूचना पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जिला अस्पताल पहुंच घायलों का हाल जाना। जिलाधिकारी ने इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न करने के निर्देश दिए। उधर, कागजी कार्रवाई पूरी करने में समय लगने से शाम पांच बजे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हो सकी।हादसे में घायलों का हाल जानने के लिए जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह जिला अस्पताल पहुंचे।
घायलों का हाल जानने के बाद एसीएमओ डॉ. हरिनंदन प्रसाद और सीएमएस डॉ. राजीव गुप्ता को निर्देश दिए कि घायलों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। मेडिकोलीगल में सभी चोटों को स्पष्ट दिखाया जाए। मौजूद स्टाफ से घायलों का सही हालचाल जानने के निर्देश दिए। उधर, एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह ने पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच कागजी प्रक्रिया जल्द पूरी कराने को कहा, तब शाम पांच बजे पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हो पाई। दुर्घटना की सूचना पर सीओ मधुपनाथ मिश्रा, बिहार थानाध्यक्ष राहुल सिंह, बारासगवर एसओ धर्मेंद्रनाथ मिश्रा, बीघापुर एसओ राजपाल मौके पर पहुंचे।
सात सीटर बोलेरो में बैठे थे 11 लोग
बिहार-बक्सर मार्ग पर कीरतपुर के पास बोलेरो पर डंपर गिरने से हुई छह मौतों में घटना के समय बोलेरो में दो बच्चे सहित 11 लोग सवार थे, जबकि उसमें सात लोगों के ही बैठने की परमिशन होती है। इसके बाद भी मानकों को ताक पर रखकर लोगों को बिठाया गया था। अगर कम लोग होते तो शायद कुछ लोगों की जान बच सकती थी।
बिहार-बक्सर मार्ग पर कीरतपुर गांव के पास हुए हादसे के बाद पठई गांव में मुंडन के बाद होने वाली दावत की तैयारी धरी रह गई। परिजन और रिश्तेदार जो मुंडन में शामिल होने गए थे। उन सभी का शाम को खाना था। नरेंद्र सिंह ने बताया कि खाने के लिए हलवाई भी लगाया था। इसलिए सुबह जल्दी मुंडन की प्रक्रिया पूरी कराई थी, ताकि सभी के आने के बाद हलवाई अपना काम शुरू कर सकें। लेकिन उससे पहले ही यह घटना हो गई और दावत की तैयारी धरी रह गई।
मृतकों के परिजनों को मिलेगा दो-दो लाख रुपये मुआवजा
जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने बताया कि हादसे में मृतकों के परिजनों को शासन से दो-दो लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा कृषक दुर्घटना बीमा सहित अन्य योजनाओं का भी लाभ दिलाने का प्रयास करेंगे। घायलों का बेहतर इलाज होगा, इसके लिए सीएमओ को आदेश दिया जा चुका है।



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