राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखेगी AAP, बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करने की करेंगे मांग

राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखेगी AAP, बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करने की करेंगे मांग

AAP: ‘आप’ ने सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के निर्णय को असंवैधानिक बताते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है। आप नेता संजय सिंह ने कहा कि पार्टी राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर इन सांसदों को उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने का अनुरोध करेगी। संजय सिंह ने कहा कि दल-बदल विरोधी कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी प्रकार के विभाजन या गुट का कोई कानूनी मान्यता नहीं है, भले ही उसमें दो-तिहाई बहुमत क्यों न हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न तो दल-बदल विरोधी कानून और न ही संविधान की दसवीं अनुसूची किसी भी राज्यसभा या लोकसभा में विभाजन, अलग गुट या समूह को मान्यता देती है।

आप ने विलय को बताया अवैधानिक और अवैध

आप नेता ने भाजपा में शामिल होने वाले सात सांसदों के कदम को पूरी तरह से ‘अवैधानिक’ और ‘अवैध’ बताया। उन्होंने कहा कि वे उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर इन सात सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि शुक्रवार को आप के राज्यसभा सांसदों राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने घोषणा की थी कि वे और चार अन्य पार्टी सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। चड्ढा ने कहा था कि आप के 10 राज्यसभा सांसदों में से सात भाजपा के साथ विलय करने के लिए तैयार हैं।

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