Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति वार्ता के प्रयासों के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान पर हमला करने के लिए उन्हें इजरायल ने कभी नहीं राजी किया, बल्कि उन्होंने खुद ऐसा किया…क्योंकि ईरान परमाणु बम बनाने की करीब पहुंच चुका था। ट्रंप ने इजरायल पर 7 अक्तूबर को इजरायल पर हुए हमास के हमले और उसके बाद पैदा हुए हालात का जिक्र करते हुए इसमें ईरान की भूमिका के मद्देनजर यह बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने ईरानी नेताओं को समझदारी नहीं दिखाने पर उनका वेनेजुएला जैसा हाल करने की धमकी भी दी है।
“Israel never talked me into the war with Iran, the results of Oct. 7th, added to my lifelong opinion that IRAN CAN NEVER HAVE A NUCLEAR WEAPON, did… the results in Iran will be amazing – And if Iran’s new leaders (Regime Change!) are smart, Iran can have a great and prosperous… pic.twitter.com/KJXICktUcH
— The White House (@WhiteHouse) April 20, 2026
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल मीडिया पर पोस्ट से मचाया हड़कंप
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया पर लिखा, “इजरायल ने मुझे ईरान के साथ युद्ध के लिए कभी नहीं मनाया। 7 अक्टूबर के नतीजे और मेरा आजीवन विश्वास कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए…इन्हीं ने मुझे यह फैसला करने पर मजबूर किया। मैं फेक न्यूज के पंडितों और पोल्स को देखता-पढ़ता हूं तो पूरी तरह हैरान रह जाता हूं। जो कुछ वे कहते हैं उसमें 90% झूठ और मनगढ़ंत कहानियां होती हैं, और पोल्स पूरी तरह से रिग्ड हैं। ठीक वैसे ही जैसे 2020 का राष्ट्रपति चुनाव रिग्ड था। जैसे वेनेजुएला के नतीजे, जिनके बारे में मीडिया बात करना पसंद नहीं करता, ठीक वैसे ही ईरान के नतीजे अद्भुत होने वाले हैं। और अगर ईरान के नए नेता (शासन परिवर्तन!) समझदार हैं, तो ईरान का भविष्य महान और समृद्ध हो सकता है!”
ट्रंप ने क्यों दी इजरायल के कहने पर युद्ध शुरू न करने की सफाई?
ट्रंप पर विपक्ष समेत कई अमेरिकी मीडिया यह आरोप लगा रहा है कि उन्होंने इजरायल के कहने पर युद्ध शुरू किया। कई माध्यमों में दावा किया जा रहा है कि यह युद्ध अमेरिका का नहीं था, लेकिन नेतन्याहू ने ट्रंप को इसके लिए राजी कर लिया। ईरान भी यह आरोप लगाता रहा है कि ट्रंप अमेरिकियों के टैक्स का पैसा इजरायल के लिए बर्बाद कर रहे हैं और वह अमेरिका को नहीं, बल्कि इजरायल को ग्रेट बनाना चाहते हैं। ईरान ने कई बार अमेरिकी जनता को पत्र लिखकर भी कहा है कि अमेरिकियों को अपने राष्ट्रपति ट्रंप से पूछना चाहिए कि वह उनके टैक्स का पैसा उस युद्ध में क्यों फूंक रहे हैं, जो इजरायल का है। इसलिए ट्रंप ने इन्हीं आरोपों के जवाब में पोस्ट करके सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि यह युद्ध अपनी मर्जी से शुरू किया है।