Avimukteshwaranand: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आज से अपनी गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा की शुरुआत करेंगे. ये यात्रा सात मार्च को वाराणसी से शुरू होकर कई जिलों से होकर गुजरेगी और 11 मार्च को लखनऊ में समाप्त होगी, जहां शंकराचार्य एक बड़े धरना प्रदर्शन के साथ इसे खत्म करेंगे. ये यात्रा गाय को राज्य माता का दर्जा दिलवाने के लिए की जा रही हैं. शंकराचार्य ने इससे पहले छह मार्च को गंगा पूजन किया और अपनी यात्रा का शंखनाद किया. शंकराचार्य आज 7 मार्च 2026 को वाराणसी से यात्रा शुरू करेंगे, जिसके बाद वो जौनपुर, सुल्तानपुर, गौरीगंज और अमेठी होते रायबरेली तक पहुंचेगे. इस दौरान वो जौनपुर और सुल्तानपुर में सभा करेंगे. इसके बाद रायबरेली में भी उनकी एक सभा होगी और आज यहीं पर उनका रात्रि विश्राम का कार्यक्रम होगा.
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– 8 मार्च 2026 को शंकराचार्य मोहनलालगंज से लालगंज-अचलगंज में सभा करते हुए उन्नाव पहुंचकर सभा करेंगे. दूसरे दिन उन्नाव में ही उनका रात्रि विश्राम होगा.
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– 9 मार्च 2026 को बांगरमऊ और बघोली में सभा करते हुए नैमिषारण्य में सभा करेंगे और यहीं नैमिषारण्य में ही उनका रात्रि विश्राम होगा.
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– 10 मार्च 2026 को सिंधौली और इजौटा में सभा करते हुए लखनऊ आगमन हो जाएगा.
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– 11 मार्च 2026 को मध्यान्ह 2 बजे कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर पहुँच कर गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध का शंखनाद करेंगे.
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद लखनऊ के कांशीराम उपवन में गाय को राज्य माता घोषित करने के लिए धरना प्रदर्शन करेंगे. हालांकि इस धरना प्रदर्शन के लिए उन्हें अनुमति दी गई है या नहीं ये अभी तक साफ़ नहीं है. शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने पहले ही 21 फरवरी को इसके लिए आवेदन कर दिया था, इंटरनेट पर अभी वो प्रोसेस में दिखाई दे रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जब तक उनकी यात्रा लखनऊ पहुंचेंगी उन्हें इजाज़त मिल जाएगी.