लखनऊ: अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘युवा सहकार सम्मेलन’ एवं ‘यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025’ का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग की उपलब्धियों व नवाचारों पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। साथ ही सीएम व पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने पुस्तिका का विमोचन भी किया। सीएम योगी ने वाराणसी व महराजगंज के वर्तमान जिलाधिकारी समेत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लिए ऋण का चेक भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारा युवा सहकारिता आंदोलन का भविष्य है और भविष्य का शिल्पी है। यह सहकारिता सम्मेलन प्रदेश के सामयिक विकास की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहकारिता से समृद्धि और सहकारिता से आत्मनिर्भरता का जो विजन दिया है। वो 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक है।
सहकारिता के सुदृढ़ीकरण की दिशा में बढ़ाए गए अनेक कदम
सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व की केंद्र सरकार ने पहली बार सहकारिता का नया मंत्रालय गठित किया। पहले यह कृषि मंत्रालय के अधीन छोटा आयाम हुआ करता था। पहले सहकारिता मंत्री के रूप में अमित शाह जी सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है। पीएम मोदी की प्रेरणा से हम लोगों ने सहकारिता के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। सहकारिता आपसी विश्वास, सामाजिक समता और आत्मनिर्भरता की गारंटी भी है। दुनिया की एक चौथाई सहकारी समितियां भारत में हैं। इनमें 8.44 लाख से अधिक समितियां, 30 करोड़ से अधिक सदस्य पूरे अभियान में सामूहिक शक्ति के रूप में योगदान देने के लिए तत्पर हैं।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 21, 2025
मुख्यमंत्री ने यूपी में हुए कार्यों को गिनाया
सीएम योगी ने कहा कि सहकारिता वर्ष 2025 पर यूपी में पहली बार बड़े पैमाने पर कार्य हुए। 26 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का शुभारंभ किया गया। रन फॉर कॉरपोरेशन में हजारों लोगों ने सहभागिता की। 21 मार्च 2025 को यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा एजीएम का आयोजन किया गया, इसमें स्टेक होल्डर्स को 76 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लाभांश वितरित किया गया। छह जुलाई 2025 को केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के चौथे स्थापना दिवस पर 266 ड्रोन दीदियों को भी प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
12 सितंबर से 30 नवंबर तक एम पैक्स सदस्यता का महाभियान प्रारंभ हुआ। इसमें 24 लाख नए सदस्यों के माध्यम से 43 करोड़ का शेयर कैपिटल भी प्राप्त हुआ। प्रदेश में पहली बार सितंबर 2023 में एमपैक्स सदस्यता अभियान का आयोजन किया गया। 30 लाख नए सदस्य बने और 70 करोड़ का शेयर कैपिटल प्राप्त हुआ था। आज जिला सहकारी बैंकों में दो लाख से अधिक बैंक अकाउंट और 550 करोड़ का डिपॉजिट है।
पिछली सरकारों के माफियाराज के कारण बर्बाद हो गया था को-ऑपरेटिव क्षेत्र
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अच्छी सरकार आती है तो यही होता है। पिछली सरकारें वन डिस्ट्रिक्ट- वन माफिया पालती थी। को-ऑपरेटिव क्षेत्र पिछली सरकारों के माफियाराज के कारण बर्बाद हो गया है। किसानों की पूंजी फंस गई थी। धीरे-धीरे करके किसानों का 4700 करोड़ रुपये वापस कराया। अब बैंक फिर से अपना काम करते हुए बढ़ रहा है। प्रदेश को माफिया से मुक्ति मिली। अब वन डिस्ट्रिक्ट, वन को-ऑपरेटिव बैंक की दिशा में प्रदेश बढ़ रहा है। बलरामपुर में नए जिला को-ऑपरेटिव बैंक के गठन की कार्रवाई बढ़ चुकी है।
मुख्यमंत्री के हाथों किए गए सम्मानित
सत्येंद्र कुमार (वर्तमान जिलाधिकारी, वाराणसी)- महराजगंज, बाराबंकी व वाराणसी में सहकारिता में सर्वांगीण विकास व मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए मिला सम्मान।
संतोष कुमार शर्मा (वर्तमान जिलाधिकारी महराजगंज)- एम पैक्स सदस्यता महाभियान-2025 में प्रदेश में सर्वाधिक 1.22 लाख सदस्य बनाने और सर्वाधिक 28 हजार ऑनलाइन सदस्य जोड़ने के लिए हुए सम्मानित।
सर्वाधिक डिपॉजिट एकत्र करने वाले जिला सहकारी बैंक
एम-पैक्स सदस्यता महाभियान-2025 में सर्वाधिक डिपॉजिट एकत्र करने वाले तीन जिला सहकारी बैंक। नमो ड्रोन दीदी के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वंदना तिवारी व ललिता देवी को सम्मानित किया गया। एम पैक्स सदस्यता महाभियान के अंतर्गत सर्वाधिक सदस्य बनाने वाले तीन जनपद को सम्मानित किया गया।
- महराजगंज: जितेंद्र बहादुर सिंह, यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड व सुनील कुमार गुप्ता एआर, को-ऑपरेटिव (1.22 लाख सदस्य बनाए)।
- शाहजहांपुर: जिला को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष धर्मेंद्र प्रताप सिंह राठौर व सहायक आयुक्त अखिलेश प्रताप सिंह (1.08 लाख सदस्य बनाए)।
- उन्नाव: डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष अरुण सिंह व सहायक आयुक्त रविंद्र कुमार सिंह (1.02 लाख से अधिक सदस्य बनाए)।
- मेरठ (125 करोड़ रुपये से अधिक): विमल कुमार शर्मा बैंक अध्यक्ष व विनय सिंह सचिव।
- गाजियाबाद (65.48 करोड़ से अधिक): कृष्णवीर सिंह बैंक अध्यक्ष व संदीप सिंह बैंक सचिव।
- लखीमपुर खीरी: विनीत मनार पटेल बैंक अध्यक्ष व सचिव सुधांशु चौधरी।
इन्हें दिया गया ऋण चेक
- यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत अजय प्रताप सिंह को दनिश्ता फातिमा को पांच-पांच लाख ऋण का चेक दिया गया।
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत सोनम वर्मा न मनीष कुमार भदौरिया को 25-25 लाख रुपये व आकांक्षा सिंह को 10 लाख रुपये के ऋण का चेक दिया गया।
इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, सांसद बृजलाल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, योगेश शुक्ल, राजेश्वर सिंह, अमरीश कुमार, जय देवी, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, पवन सिंह चौहान, उमेश द्विवेदी, इंजी. अवनीश सिंह, रामचंद्र प्रधान, उप्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।