West Bengal: ममता ने इस्तीफा देने से किया इनकार, राज्य में बढ़ा सियासी पारा

Mamata Banerjee की बढ़ी मुसीबत, सांप्रदायिक टिप्पणी को लेकर एफआईआर

West Bengal: प. बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद भी ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी, अगर किसी को हटाना है तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाए। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव निष्पक्ष नहीं था और उनके कई उम्मीदवारों को जबरन हराया गया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि 1500 से अधिक टीएमसी कार्यालयों पर कब्जा कर लिया गया।

चुनाव नहीं, अत्याचार हुआ

ममता बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे चुनाव नहीं, बल्कि अत्याचार बताया। उन्होंने राज्य पुलिस, केंद्रीय बलों और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि इन संस्थाओं ने निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल चुनाव के बाद विपक्षी गठबंधन में एकजुटता और मजबूत हुई है। ममता ने अपने समर्थकों से अपील की कि वे संघर्ष जारी रखें और विधानसभा के पहले दिन काले कपड़े पहनकर विरोध दर्ज कराएं।

विश्वासघात करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी

ममता बनर्जी ने अपने भाषण में कहा कि वह इस हार को अंतिम नहीं मानतीं और आगे भी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी के भीतर जो लोग विश्वासघात करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ और उन्हें धक्का दिया गया, जिससे उनकी तबीयत भी खराब हो गई।

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