West Asia: जेडी वेंस का बड़ा बयान, कहा- ईरान-अमेरिका समझौते के करीब लेकिन…
West Asia: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने और शांति स्थापित करने की दिशा में बातचीत अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच अभी भी कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है और यह कहना जल्दबाजी होगी कि अंतिम समझौता कब और क्या हो पाएगा। जेडी वेंस ने कहा कि दोनों पक्ष कुछ बिंदुओं और विशेष रूप से यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अभी वहां नहीं पहुंचे हैं, लेकिन काफी करीब हैं और बातचीत जारी रहेगी। वेंस ने दावा किया कि अगर समझौता हो जाता है तो इससे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोला जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले ही ईरान की पारंपरिक सैन्य क्षमताओं को काफी कमजोर कर चुका है और उसके परमाणु कार्यक्रम को लंबे समय तक पीछे धकेलने की स्थिति में है। उनके अनुसार यह अमेरिकी जनता के हित में होगा।
युद्धविराम बढ़ाने का प्रस्ताव
रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में मौजूदा युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य पर औपचारिक वार्ता शुरू करने की योजना शामिल है। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच एक रूपरेखा तैयार हो चुकी है, लेकिन उसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व की मंजूरी मिलना अभी बाकी है। हालांकि, ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तसनीम ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा है कि किसी समझौते को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है और न ही इसकी पुष्टि हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और प्रतिबंधों में राहत
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संभावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का प्रावधान हो सकता है। इसके तहत ईरान को 30 दिनों के भीतर समुद्री मार्ग में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाना होगा। इसके बदले अमेरिका अपनी समुद्री नाकेबंदी हटाने और ईरान को तेल निर्यात फिर से शुरू करने के लिए कुछ प्रतिबंधों में छूट देने पर विचार कर सकता है।
युद्धविराम उल्लंघन के आरोप
समझौते की बातचीत के बीच दोनों देशों ने एक-दूसरे पर युद्धविराम उल्लंघन के आरोप भी लगाए हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। वहीं ईरानी मीडिया ने एक अमेरिकी विमान या ड्रोन को मार गिराने का दावा किया। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी अमेरिकी विमान नहीं गिराया गया है और सभी हवाई संसाधन सुरक्षित हैं।



Post Comment