राहुल गांधी का दावा- मुझे दो-तीन पंच लगे, पुलिसवालों ने मेरे कान में कहा सरकार को हटाइए
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने सबसे पहले अपने प्रेजेंटेशन में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च में शामिल छात्रों के वीडियो चलाए। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि सुरक्षाबलों ने छात्रों को बुरी तरह पीटा। ऐसा क्यों किया गया। नीट पेपर लीक से देश के 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स और उनके परिवार इस घटना से प्रभावित हुए हैं। नीट मामले में किसी भी को सजा नहीं हुई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जब पुलिसवाले मुझे हटाने आए तो उन्होंने मेरे कान में कहा सरकार को हटाइए। मुझे घसीटा तो मुंह से खून आया, दो-तीन पंच लगे, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान को जाना होगा।
जो पुलिस वाले मुझे घसीटकर ले जा रहे थे, वही मुझसे कान में कह रहे थे- ''इस सरकार को हटाइए'' pic.twitter.com/FWKwV8q0Wr
— Congress (@INCIndia) July 22, 2026
20 जुलाई को हुए प्रदर्शन की क्लिप दिखाई
राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में सबसे पहले 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन की क्लिप चलाई। राहुल ने कहा- पुलिस और सुरक्षाबलों ने छात्रों को पीटा। ये कितना जायज है।
https://twitter.com/INCIndia/status/2079901201202839628
पेपर लीक में अभी तक कोई सजा नहीं
राहुल की दूसरी स्लाइड पेपर लीक के आंकड़ों से जुड़ी थी। राहुल ने कहा- अब तक 152 से ज्यादा पेपर लीक हुए हैं। जिससे 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए लेकिन पेपर लीक करने वालों को कोई सजा नहीं मिली।

NEET का खर्च देश के शिक्षा बजट से ज्यादा है
राहुल ने कहा- 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स और उनके परिवार इस घटना से प्रभावित हुए हैं। नीट मामले में किसी भी को सजा नहीं हुई। 10 साल में 152 पेपर देश में लीक हुए हैं। इनमें किसी भी मामले में किसी भी को सजा नहीं मिली। 1.4 लाख करोड़ भारत सरकार का एजुकेशन बजट है। 1.32 लाख करोड़ भारतीय परिवार नीट एग्जाम पर खर्च करते हैं। NEET का खर्च देश के शिक्षा बजट से ज्यादा है।

राहुल की 3 डिमांड, पीएम मोदी छात्रों से माफी मांगे
राहुल ने प्रेजेंटेशन के दौरान चौथी स्लाइड दिखाई। जिसमें उन्होंने तीन डिमांड रखीं। पहली- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरी- छात्रों को पीटने वालों पर कार्रवाई हो। तीसरा- पीएम मोदी छातों से माफी मांगें।

धर्मेंद्र प्रधान ने देश की शिक्षा व्यवस्था नष्ट कर दी है
राहुल ने कहा कि जितना पैसा भारत सरकार शिक्षा बजट पर खर्च करती है, NEET एग्जाम पर भी उतना ही पैसा खर्च होता है, जो भारतीय परिवार देते हैं। सरकार साल भर टैक्स लेती है, इसी एजुकेशन बजट के लिए। धर्मेंद्र प्रधान ने देश की शिक्षा व्यवस्था नष्ट कर दी है। सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए कि वह एजुकेशन दे, नौकरियां दे, बेहतर भविष्य दे।
छात्रों की मांग है 👇
⦿ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें
⦿ जिन लोगों ने छात्रों के साथ मारपीट की और उनका अपमान किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
⦿ नरेंद्र मोदी छात्रों के साथ हुए व्यवहार के लिए माफी मांगें
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi pic.twitter.com/bFvsgXfCsv
— Congress (@INCIndia) July 22, 2026
गरीबों के लिए यह घटना कभी ना भूलने वाली है
उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स 3 से 5 साल तक हर रोज 8 से 10 घंटे तैयारी करते हैं। फिर उन्हें बताया जाता है कि जिनके पास 40-40 लाख रुपए है वह पेपर खरीद सकता है। आपकी तैयारी और मेहनत का कोई मतलब है। जो पेपर लीक हुए हैं, यह इसको बताता है। स्टूडेंट्स यही सवाल कर रहे हैं कि पेपर लीक से 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स का नुकसान हुआ, लेकिन किसी को सजा नहीं मिली। गरीबों के लिए यह घटना कभी ना भूलने वाली है।
⦿ शिक्षा व्यवस्था
⦿ पेपर लीक
⦿ छात्रों के साथ हुई हिंसादेश के छात्र चाहते हैं कि इन मुद्दों पर बात हो।
मैं और पूरा विपक्ष भी यही चाहता है कि फोकस यहां रहे और इसके बारे में कुछ किया जाए, लेकिन जानबूझकर देश को इन मुद्दों से भटकाया जा रहा है।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi pic.twitter.com/Ibl9NbUwVk
— Congress (@INCIndia) July 22, 2026
देश के स्टूडेंट्स गुस्से में हैं, इसलिए प्रदर्शन
राहुल ने कहा कि कुछ दिनों से देश के स्टूडेंट्स गुस्से में हैं। इसलिए प्रोटेस्ट कर रहे हैं। पहला कारण- एजुकेशन सिस्टम जो पूरी दुनिया में बेस्ट हुआ था। वह अब गड़बड़ हो गया है। बीते 10 साल में 152 पेपर लीक हुए हैं। यह आंकड़ा 300 भी हो सकता है। कई बार पेपर लीक हुए, लेकिन उनका पता नहीं चला।
नीट मामले में किसी भी को सजा नहीं हुई
राहुल ने कहा- 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स और उनके परिवार इस घटना से प्रभावित हुए हैं। नीट मामले में किसी भी को सजा नहीं हुई। 10 साल में 152 पेपर देश में लीक हुए हैं। इनमें किसी भी मामले में किसी भी को सजा नहीं मिली। 1.4 लाख करोड़ भारत सरकार का एजुकेशन बजट है। 1.32 लाख करोड़ भारतीय परिवार नीट एग्जाम पर खर्च करते हैं। NEET का खर्च देश के शिक्षा बजट से ज्यादा है।
हमारा एजुकेशन सिस्टम गरीबों और मिडिल क्लास लोगों के लिए unaffordable है।
हिंदुस्तान की सरकार जितना पैसा शिक्षा बजट में डालती है, उतना ही पैसा एक NEET एग्जाम के लिए छात्र और उनके परिवार सरकार को देते हैं।
ये देश के हर एक छात्र और उनके परिवार का अपमान है।
: नेता विपक्ष श्री… pic.twitter.com/aWsvLxcyx3
— Congress (@INCIndia) July 22, 2026
उन्होंने कहा कि हमारी एजुकेशन सिस्टम विश्व के सबसे बेस्ट एजुकेशन सिस्टम में गिना जाता है। शिक्षा व्यवस्था पर काम करने की जरूरत है। छात्र सिस्टम सुधार की मांग कर रहे थे। देश की शिक्षा व्यवस्था आज गड़बड़ हो गई है।



Post Comment