यूपी पुलिस को मिले 60 हजार सिपाही, CM योगी ने ली परेड में महिला जवानों की सलामी

यूपी पुलिस को मिले 60 हजार सिपाही, CM योगी ने ली परेड में महिला जवानों की सलामी

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश पुलिस को रविवार से 60,244 नए सिपाही मिल गए हैं। राज्‍य के 112 ट्रेनिंग सेंटरों पर पासिंग आउट परेड के बाद जिलों में ये ड्यूटी जॉइन करेंगे। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने राजधानी में परेड के दौरान महिला जवानों की सलामी ली। इससे पहले खुली जिप्सी में परेड का निरीक्षण किया था। सीएम ने कॉन्सटेबल नेहा यादव को बेस्ट कैडेट का खिताब दिया।

मुख्‍यमंत्री योगी ने कहा- ‘यूनिफॉर्म की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासन होता है। प्रशिक्षण में जितना पसीना बहेगा, बाद में उतना कम खून बहाने की नौबत आएगी। बेटियों ने जिस अनुशासन के साथ प्रशिक्षण लिया है, वह अत्यंत सराहनीय है।’

यूपी में अब गुंडा टैक्स और वसूली नहीं होती

सीएम योगी ने कहा, आज यूपी पुलिस देश की बेहतरीन पुलिस बल है। 2017 में प्रशिक्षण की क्षमता मात्र 3 हजार थी। 60 हजार का प्रशिक्षण यूपी के केंद्रों में ही किया गया है। थ्री-नॉट-थ्री के बजाय इंसास राइफल से प्रशिक्षण दिया गया। उन्‍होंने कहा कि यूपी में अब गुंडा टैक्स और वसूली नहीं होती है। अपराधियों के मन में भय है। पुलिस का मनोबल ऊंचा है। अपराध और अपराधियों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति है। भर्तियां हुई हैं। 20 प्रतिशत बेटियों की अनिवार्य भर्ती की गई है। मुझसे कहा गया कि दीक्षांत परेड में बेटियां हिस्सा ले रही हैं। तब मैंने कहा कि जहां बेटियां होंगी, वहां मैं जरूर जाऊंगा।

उन्होंने कहा कि 2017 की तुलना में पुलिस का बजट तीन गुना बढ़ाया गया है। 2019–2020 से लगातार महिला सुरक्षा के लिए काम किए जा रहे हैं। हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र बनाए गए हैं। पीएसी की तीन महिला बटालियन भी दी गई हैं।

अपराधियों के लिए कठोर और नागरिकों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए

योगी ने कहा कि 2017 से पहले जिस प्रदेश में दंगे होते थे, वहां महीनों कर्फ्यू लगा रहता था। अब दंगे होने से पहले ही उन्हें रोकने में यूपी पुलिस सक्षम है। यूपी में महिला कार्यबल 13 प्रतिशत से बढ़कर 26 प्रतिशत हो गया है। यूपी पुलिस बल ने खुद को तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि अब आप फील्ड ड्यूटी पर जाएंगे। अपराधियों के लिए जितना कठोर हों, नागरिकों के प्रति उतना ही संवेदनशील भी होना चाहिए। आपने प्रशिक्षण लिया है। उम्मीद है कि आप यूपी पुलिस की गौरवमयी परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।

पहले पुलिस बैरकों की स्थिति जर्जर थी

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश की 1,000 बेटियों को हृदय से बधाई देता हूं, जो पुलिस की 60,244 सिपाही भर्ती का हिस्सा बनी हैं। आज पूरे प्रदेश में एक साथ दीक्षांत परेड आयोजित हो रही है। 10 पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों, 73 जनपदों की पुलिस लाइनों, 29 पीएसी बटालियनों और 112 रिपोर्टिंग प्रशिक्षण केंद्रों में यह कार्यक्रम संपन्न किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, 15 जून 2025 को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 60,244 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांटे थे। इसके बाद 21 जुलाई 2025 से प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। मुझे प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण करने का अवसर मिला। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और सुविधाएं दोनों ही अत्यंत उत्कृष्ट रही हैं।

2017 से पहले थीं कई चुनौतियां

सीएम ने कहा- 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस कई चुनौतियों का सामना कर रही थी, लेकिन आज हमने इसे देश के बेहतरीन पुलिस बलों में शामिल किया है। अब तक 2 लाख 18 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती और 1 लाख से अधिक को पदोन्नति दी जा चुकी है। पहले पुलिस बैरकों की स्थिति जर्जर थी, लेकिन अब 55 से अधिक केंद्रों पर आधुनिक और उच्च स्तरीय आवासीय सुविधाएं विकसित की गई हैं।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट पीटी प्रोग्राम लागू किया गया है। साथ ही कर्मयोगी पोर्टल पर 32 विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किए जा रहे हैं। हाल ही में ‘साधना सप्ताह’ के दौरान उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों ने 1.25 करोड़ कोर्स पूरे कर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान दिलाया है।

यूपी पुलिस में महिलाओं की भागीदारी 13 से बढ़कर 36 प्रतिशत हुई

मुख्‍यमंत्री योगी ने कहा, उत्तर प्रदेश पुलिस अब आधुनिक तकनीकों से लैस हो रही है। 75 जनपदों में साइबर थानों की स्थापना की गई है। पुलिस कर्मियों को साइबर अपराध से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया है। लखनऊ में फॉरेंसिक साइंस संस्थान की स्थापना की गई है। इन प्रयासों का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश पुलिस एक मॉडल और स्मार्ट पुलिस के रूप में उभर रही है।

उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह बड़ी भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है, जिसमें 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए अनिवार्य किए गए हैं। 17 नगर निगमों में सेफ सिटी परियोजना लागू की गई है। स्पेशल पुलिस फोर्स का गठन किया गया है और अत्याधुनिक लैब स्थापित की गई हैं। प्रदेश में महिला पुलिस बल की भागीदारी 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है।

सिपाही भर्ती में कब-क्या हुआ?

  • पुलिस भर्ती प्रक्रिया की विज्ञप्ति अक्टूबर 2023 में निकली थी। इसके लिए पहले फरवरी में परीक्षा हुई थी, लेकिन पेपर लीक होने के कारण परीक्षा दोबारा करानी पड़ी। इसके बाद लिखित परीक्षा पिछले साल 23, 24, 25, 30 और 31 अगस्त को कुल 10 पालियों में आयोजित की गई थी।
  • 48 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। इस परीक्षा में 150 सवाल पूछे गए थे। हर सवाल के 2 नंबर तय थे, यानी कुल 300 नंबरों की परीक्षा हुई थी। माइनस मार्किंग भी थी, हर गलत सवाल पर 0.25 नंबर काटे गए। सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए लिखित परीक्षा के बाद 1,74,316 अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया था।
  • 10 से 27 फरवरी 2025 के बीच फिजिकल टेस्ट कराया गया। 13 मार्च को फाइनल रिजल्ट घोषित किया गया था। 12,048 महिलाओं और 48,196 पुरुषों ने परीक्षा पास की थी। 15 जून 2025 को सिपाहियों को जॉइनिंग लेटर दिए गए थे। 15 अभ्यर्थियों को अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने हाथों से लखनऊ में लेटर बांटे थे।

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