UP: राम मंदिर चढ़ावा चोरी में FIR, टिन्नू यादव समेत आठ नामजद; सपा ने मांगा सीएम योगी का इस्तीफा
अयोध्या: भगवान श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आखिरकार गुरुवार (25 जून) को एफआईआर दर्ज कर ली गई। विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के दो दिन बाद दर्ज हुए मुकदमे में ट्रस्ट के प्रभावशाली पदाधिकारियों से जुड़े लोगों के नाम सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और चढ़ावा राशि की चोरी के आरोप में केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, छह जून को राम मंदिर के चढ़ावे में अनियमितता और चोरी का मामला उजागर हुआ था। प्रारंभिक स्तर पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने खुद संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की थी। बढ़ते विवाद के बीच 13 जून को एसआईटी गठित की गई, जिसने जांच पूरी कर मंगलवार को शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी।
इन आठ लोगों के नाम FIR में शामिल
गुरुवार को ट्रस्टी कृष्ण मोहन की तहरीर पर अयोध्या के कोतवाली रामजन्मभूमि में मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर में ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा, महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, गणना कर्मी मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र और गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से साजिश रचकर चढ़ावा राशि के साथ धोखाधड़ी की और धनराशि का गबन किया। पुलिस ने नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में आगे और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
सांसद संजय सिंह ने SIT को सौंपे थे 11 दस्तावेज
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को एसआईटी से मिलकर जमीन की खरीद-फरोख्त संबंधी 11 दस्तावेज सौंपे। दावा किया कि इन जमीनों की बिक्री व खरीदारी में करोड़ों रुपये का हेरफेर व घोटाला किया गया। एसआईटी अब दस्तावेजों की तस्दीकर जांच शुरू की है।
सांसद ने आरोप लगाया है कि मंदिर के लिए कई जमीनें बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी गईं, जिससे चंदे की रकम को भारी नुकसान पहुंचाया गया। एसआईटी अध्यक्ष व लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और सदस्य नील रतन से मिलकर संजय सिंह ने कहा है कि जिन लोगों के नाम हाल ही में मंदिर के चढ़ावे और दानपात्र में अनियमितताओं के मामले में सामने आए हैं, उन्हीं लोगों की भूमिका जमीन खरीद के विवादित सौदों में भी दिखाई दे रही है। उन्होंने दस्तावेज देने के साथ मामले की गहनता से जांच कर कार्रवाई की मांग की।
दो करोड़ की जमीन कुछ ही मिनटों में 18.5 करोड़ की
संजय सिंह द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार 18 मार्च 2021 को सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने कुसुम पाठक और हरीश पाठक से गाटा संख्या 243, 244 और 246 की जमीन दो करोड़ रुपये में खरीदी।
आरोप है कि उसी दिन कुछ ही देर बाद यही जमीन ट्रस्ट को 18.5 करोड़ रुपये में बेच दी गई। सांसद का दावा है कि इस एक सौदे में करीब 16.5 करोड़ रुपये का अंतर है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस बैनामे के गवाह तत्कालीन मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा थे।
सपा विधायक बोले- सीएम को दे देना चाहिए इस्तीफा
लखनऊ मध्य से सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा और आभूषणों की जो चोरी हुई थी, उसमें FIR दर्ज होने के आदेश हो गए हैं। इसके बाद स्पष्ट हो गया है कि यह मामला बहुत गंभीर है। राम मंदिर में चंदा चोरी होने की FIR लिखने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक दिन भी सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है।
#WATCH | Lucknow, UP: On FIR registered in the alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement case, Samajwadi Party MLA Ravidas Mahrotra says, "Orders have been issued to register an FIR in the theft of donations and offerings at the Ram Temple in Ayodhya. After this, it has… pic.twitter.com/8VEGoG4ZFo
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 25, 2026
हम चाहते हैं कि प्रदेश के मुख्यमंत्री इस्तीफा दें और निष्पक्ष जांच पूरी हो। जो लोग दोषी और जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। यह तय हो कि इतनी सुरक्षा के बीच में, इतने पुलिस बल होने के बावजूद इतनी बड़ी चोरी कैसे हो गई। इसमें कौन जिम्मेदार है, वह तय होना चाहिए। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।



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