UP News: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आगामी 19 अप्रैल को राजधानी के गोमती नगर स्टेशन से एक विशेष एसी ट्रेन सोमनाथ के लिए रवाना होगी। जिसमें प्रदेश के युवा प्रोफेशनल्स, एमबीए स्टूडेंट्स, स्टार्टअप्स के प्रतिनिधि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, एमएसएमई और तकनीकी सेवाओं से जुड़े कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, वॉलंटियर्स, युवा प्रतिभाओं, गैर-तकनीकी क्षेत्र के सफल व्यक्तियों, अखाड़ों, शिव मंदिरों और आध्यात्मिक संस्थाओं से जुड़े लोगों को भी इस पहल का हिस्सा बनाया गया है।
सीमावर्ती गांवों के निवासी, प्रदेश के कलाकार, तथा पोस्टमैन, रेलवे स्टाफ, सफाई कर्मचारी और ड्राइवर जैसे सेवा क्षेत्र से जुड़े लोग भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग लगभग 1.5 करोड़ खर्च करेगा। उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत की आस्था, संस्कृति और आत्मगौरव का प्रतीक है, जिसे जन-जन की सहभागिता के साथ मनाया जा रहा है। स्वाभिमान पर्व का संदेश यही है कि सोमनाथ का इतिहास पराजय का नहीं, बल्कि विजय और पुनर्निर्माण का है।
सात नदियों का जल लेकर सोमनाथ पहुंचेंगे श्रद्धालु
यात्रा के दौरान श्रद्धालु प्रदेश की सात पवित्र नदियों का जल अपने साथ लेकर जाएंगे। 21 अप्रैल को सोमनाथ पहुंचने के बाद वे महाआरती, रुद्राभिषेक, भजन संध्या, प्रवचन और लाइट एंड साउंड शो जैसे विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इन आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सोमनाथ के गौरवशाली इतिहास और आध्यात्मिक महत्व से जुड़ने का मौका मिलेगा। केंद्र सरकार के सहयोग से आयोजित यह पर्व पूरे देश में वर्ष भर मनाया जाएगा, जिसके अंतर्गत ‘सोमनाथ स्वाभिमान’ विषय पर आधारित बुकलेट का वितरण भी किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास, उसके पुनर्निर्माण और भारतीय संस्कृति की अटूट शक्ति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। यह आयोजन आस्था, एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बनेगा।