UP: मिलावटखोरी पर एक्शन! खाद्य तेल की 10 से ज्यादा फर्मों पर प्रतिबन्ध
UP: उत्तर प्रदेश में मानक के विपरीत बिक्री पर 10 से ज्यादा फर्मों के खाद्य तेलों एवं अन्य उत्पादों पर पाबंदी लगा दी गई है। ये फर्में खाद्य तेल और वसायुक्त किसी भी उत्पाद को नहीं बना सकेंगी। इनके उत्पाद की बिक्री, भंडारण और वितरण प्रतिबंधित किया गया है। यह प्रतिबंध खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त डा. रोशन जैकब ने लगाया है। प्रदेश में खाद्य तेलों में मिलावट की शिकायत पर 23 फरवरी को प्रदेशभर में 58 टीमों ने 64 खाद्य तेल इकाइयों की जांच की। इसमें 56 इकाइयों से 206 नमूने लिए गए। नमूनों की जांच भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा अधिकृत प्रयोगशालाओं में कराई गई। जांच में संबंधित नमूने असुरक्षित और अधोमानक पाए गए हैं।
कुछ उत्पादों में लेड तत्व की अधिक मात्रा पाई गई है, जो मानव जीवन के लिए खतरनाक है। कई उत्पादों में अनधिकृत रूप से एक से अधिक खाद्य तेलों का मिश्रण किया गया। फोर्टिफाइड तेलों में विटामिन की मात्रा कम पाई गई, जिससे उपभोक्ताओं को धोखा दिया जा रहा था। ऐसे में इन कंपनियों के तेल और वसायुक्त उत्पादों पर प्रतिबंध लगा लगा दिया गया है।
इन कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध
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हिंद वेज ऑइल प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ
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संकट मोचन एंटरप्राइसेस, लखनऊ
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भीम श्री, प्रोडक्ट कानपुर एनआर उद्योग, कानपुर
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कटारिया एडिबल्स, कानपुर
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वैभव एडिबल्स, कानपुर देहात
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मंटोरा ऑयल प्रोडक्शन प्राइवेट लि., कानपुर देहात
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आगरा ऑयल जनरल इंडस्ट्री लि, हाथरस
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एनएम ऑयल कॉरपॉरेशन, आगरा
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जीएस एग्रो फूड्स, मेरठ
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जेपी एग्रो ऑयल, मेरठ
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राजेन्द्र कुमार सुशील चंद, मेरठ
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केएल वेजिटेबल ऑयल प्रोडक्ट, प्रा लि, हापुड़
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जय लक्ष्मी सोलवेंटस प्रा लि, गोरखपुर
खाद्य पदार्थ एवं वसा तेल में लेड तत्व की अधिक मात्रा सेहत के लिए हानिकारक है। इसी तरह अलग- अलग पैरामीटर पर अधोमानक पाए गए उत्पादों की फर्मों पर प्रतिबंध लगाया गया है। डॉ. रोशन जैकब, आयुक्त एफएसडीए



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