बरेली में तीन साइबर ठग गिरफ्तार, असम, कर्नाटक-केरल तक नेटवर्क
बरेली: जिले में पुलिस और साइबर सेल टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुरुवार को साइबर सेल, साइबर थाना और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि इनके बैंक खातों में साइबर ठगी के 10 लाख रुपये से ज्यादा का संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुआ था। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी असम, कर्नाटक और केरल सहित कई राज्यों में हुई साइबर ठगी का पैसा अपने बैंक खातों में मंगाते थे। इसके बाद रकम निकालकर आगे पहुंचा देते थे। लगातार मिल रही शिकायतों और तकनीकी जांच के बाद पुलिस इन तक पहुंची।
पहला आरोपी: खाते में आए 2.5 लाख रुपये
कैंट थाना क्षेत्र के गोकुल नगर नकटिया निवासी 22 वर्षीय प्रशांत सिंह को गिरफ्तार किया गया। उसके खाते में करीब 2.50 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन मिला। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथियों के कहने पर ठगी का पैसा खाते में मंगाकर निकालता था। उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है।
दूसरा आरोपी: पहले से दर्ज हैं 7 शिकायतें
कैंट के ही सदर बाजार निवासी 37 वर्षीय विवेक जोशी के खाते में करीब 2 लाख रुपये का संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिला। पुलिस के अनुसार, वह भी साइबर ठगी का पैसा अपने खाते में लेकर निकालता था। उसके खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर पहले से सात साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं। उसका मोबाइल फोन भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
तीसरा आरोपी: पैसा निकालकर बंद करा दिया खाता
बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के रजऊपरसपुर निवासी 31 वर्षीय अंकुश शर्मा के खाते में करीब 5.80 लाख रुपए का संदिग्ध लेनदेन मिला। पुलिस का कहना है कि ठगी का पैसा निकालने के बाद उसने बैंक खाता भी बंद करा दिया था। उसके पास से भी एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
अब पूरे गैंग की तलाश
पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साइबर ठगी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।



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