राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अयोध्या पहुंचे अजय राय नजरबंद, ट्रस्ट ऑफिस घेरने का किया था ऐलान

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अयोध्या पहुंचे अजय राय नजरबंद, ट्रस्ट ऑफिस घेरने का किया था ऐलान

अयोध्‍या: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय प्रदर्शन करने पहुंचे थे। मगर, पुलिस ने सोमवार देर रात 12 बजे ही अजय राय को अयोध्या के एक होटल में नजरबंद कर दिया। उनके नेतृत्व में कांग्रेस का डेलिगेशन चढ़ावा चोरी का विरोध करने पहुंचा था। उन्होंने आज यानी मंगलवार को मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया था। इसलिए, वह रात को अयोध्या पहुंच गए थे।

इस बीच, अजय राय की पत्नी रीना राय ने वाराणसी से एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा-मेरे पति की आवाज दबाने के लिए भाजपा सरकार किसी भी हद तक गिरने को तैयार है। पुलिस जीप में ले जाने के बाद अब हमारे सहयोगियों को गलत जानकारियां देकर भटकाया जा रहा है। ‘चढ़ावा चोरों’ के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। अगर मेरे पति को कुछ भी होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी इस अधर्मी भाजपा सरकार की होगी।

अजय राय बोले- रामभक्तों को दर्शन-पूजन से रोकना निंदनीय

अजय राय ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर दावा किया कि उन्हें होटल में रोके जाने के बाद पुलिस जीप से ले जाया गया। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी होटल के भीतर मौजूद दिख रहे हैं, जबकि अजय राय कुर्सी पर बैठकर पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं।

अजय राय ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया और भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अयोध्या में जमीन घोटालों और चढ़ावे से जुड़े मामलों को लेकर सवालों से बचना चाहती है। राय ने कहा कि रामभक्तों को भगवान श्रीराम के दर्शन-पूजन से रोकना निंदनीय है। इसे आस्था पर पहरा लगाने का प्रयास करार दिया।

अजय राय को अयोध्या पहुंचने के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को अयोध्या में मंगलवार को प्रस्तावित प्रभु श्रीराम के दर्शन-पूजन कार्यक्रम से पहले पुलिस ने रोक लिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सोमवार रात अयोध्या पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जिले के कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं को भी हाउस अरेस्ट किया गया है।

17 साल बाद RMO का ट्रांसफर, CCTV की जिम्मेदारी इन्हीं के पास थी

चढ़ावा चोरी के बीच राम मंदिर में 17 साल से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (RMO) अर्जुन देव का तबादला कर दिया गया। उन्हें गोरखपुर भेजा गया है। SIT ने अर्जुन देव की भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया है। चढ़ावे की गिनती वाले काउंटिंग रूम में लगे CCTV कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी अर्जुन देव के पास थी। इसके अलावा, राम मंदिर में लगे करीब 1600 कैमरों की निगरानी भी उनके पास थी।

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी रिपोर्ट में अर्जुन देव की 17 साल से अयोध्या में तैनाती और ट्रस्ट के कामों में सक्रिय दखल का भी जिक्र है। अर्जुन देव रामलला जब टेंट में थे, तब भी CCTV का काम देखते थे। वह 2009 से लगातार अयोध्या में तैनात हैं। इस दौरान कई बार उनके ट्रांसफर के आदेश जारी हुए, लेकिन हर बार उनका ट्रांसफर रुक गया। हाल ही में लखनऊ के लिए जारी ट्रांसफर आदेश भी निरस्त कर दिया गया था।

चंपत राय से 3 घंटे पूछताछ, कई सवालों के जवाब नहीं दे पाए

सूत्रों के अनुसार, चंपत राय से रविवार को पुलिस ने करीब 3 घंटे पूछताछ की गई। पुलिस ने उनसे चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया समझी। साथ ही पूछा कि उन्हें चढ़ावा चोरी का पता पहली बार कब और कैसे लगा। उसके बाद उन्होंने क्या-क्या किया। बताया जा रहा है कि चंपत राय कई सवालों के सटीक जवाब नहीं दे पाए।

इससे पहले, सोमवार को पुलिस ने SBI की अयोध्या धाम ब्रांच पहुंचकर जेल में बंद 8 आरोपियों के बैंक खाते खंगाले। मंदिर में नौकरी से लेकर अब तक के उनके ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई। एसबीआई बैंक के दो कर्मचारियों को भी नोटिस जारी करके पूछताछ के लिए बुलाया है। इनकी ड्यूटी चढ़ावा गिनती में लगी हुई थी।

आठों आरोपी 14 दिन की पुलिस हिरासत में

सोमवार को चढ़ावा चोरी में गिरफ्तार 8 आरोपियों की कोर्ट ने न्यायिक हिरासत 14 दिन बढ़ा दी। अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। वहीं, ट्रस्ट की 11 जुलाई को होने वाली बैठक 5 दिन पहले यानी 6 जुलाई को होगी। इसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला होगा। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने चढ़ावा चोरी की जांच कर रही SIT से फाइनल रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपने को कहा है।

SIT ने 23 जून को रिपोर्ट सौंपी

चोरी का मामला पहली बार 07 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई। SIT ने 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को रिपोर्ट सौंपी। 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर FIR हुई। इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 को नामजद किया गया। हालांकि, चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं।

एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 26 जून को सीजेएम कोर्ट ने सभी आरोपियों को 3 दिन के लिए जेल भेज दिया। इसी दिन मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया। अगले दिन ट्रस्ट ने कहा- 11 जुलाई को होने वाली बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा।

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