तमिलनाडु में सरकार बनने पर पेंच, विजय की TVK का प्रदर्शन; कई हिरासत में   

तमिलनाडु में सरकार बनने पर पेंच, विजय की TVK का प्रदर्शन; कई हिरासत में   

चेन्नई/तिरुवनंतपुरम/पुडुचेरी/गुवाहाटी: तमिलनाडु में एक्‍टर थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की सरकार बनने पर सस्पेंस बना हुआ है। इस बीच DMK और AIADMK के बीच गठबंधन होने की खबर है। इस पर TVK ने कहा कि अगर दोनों द्रविड़ पार्टियां सरकार बनाने का दावा पेश करती हैं, तो पार्टी के सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे।

TVK को अब शक है कि दोनों पार्टियां सबसे ज्यादा जनसमर्थन पाने वाली पार्टी को सत्ता से बाहर करना चाहती हैं। सूत्रों के मुताबिक यह फैसला DMK-AIADMK खेमों की पिछले दो दिनों में हुई दो बैठकों के बाद लिया गया।

राज्‍यपाल का विजय को आश्‍वासन

इस बीच, TVK समर्थकों ने शुक्रवार सुबह गवर्नर हाउस (लोकभवन) के सामने प्रदर्शन और नारेबाजी की। पुलिस ने कई समर्थकों को हिरासत में लिया है। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने गुरुवार को दूसरी बार TVK प्रमुख विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज कर दिया था। उनसे कहा कि वे बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों के हस्ताक्षर लेकर ही लौटें। हालांकि, राज्यपाल ने विजय को आश्वासन दिया है कि वे किसी अन्य पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं करेंगे।

खड़गे ने CPI के डी राजा से बात की, TVK के लिए सपोर्ट मांगा

कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे ने CPI के जनरल सेक्रेटरी डी राजा से बात की है और उनकी पार्टी से तमिलनाडु में सेक्युलर सरकार बनाने के लिए TVK को सपोर्ट करने की अपील की है, सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि खड़गे ने गुरुवार को राजा को फोन करके इस बात पर जोर दिया कि CPI को जल्दी फैसला लेना चाहिए ताकि BJP को पिछले दरवाजे से सत्ता हथियाने का मौका न मिले। माना जा रहा है कि राजा ने कहा कि CPI DMK समेत अपने लोकल साथियों से सलाह करेगी और जल्द ही इस पर फैसला करेगी।

DMK लीडर कनिमोझी बोलीं- गवर्नर की जरूरत नहीं

तमिलनाडु में सरकार बनाने को लेकर अनिश्चितता के बीच, DMK की सीनियर लीडर कनिमोझी करुणानिधि ने शुक्रवार को गवर्नर के ऑफिस का अपनी पार्टी का विरोध दोहराया। PTI वीडियोज से बात करते हुए, कनिमोझी ने जोर देकर कहा कि गवर्नर का पद खत्म करने की DMK की मांग में कोई बदलाव नहीं आया है, खासकर तब जब मौजूदा राजनीतिक बदलाव के दौरान संवैधानिक संपत्ति पर सवाल उठ रहे हैं।

कांग्रेस ने गवर्नर के खिलाफ पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया

तमिलनाडु कांग्रेस ने शुक्रवार को गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के खिलाफ पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू किया। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में TVK के सबसे बड़ी पार्टी बनी है। इसके बावजूद गवर्नर ने पार्टी को सरकार बनाने के लिए न्योता देने से इनकार कर दिया था। चेन्नई के अन्ना सलाई में प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए, AICC के तमिलनाडु इंचार्ज गिरीश चोडनकर और TNCC प्रेसिडेंट के सेल्वापेरुंथगई ने राजभवन पर BJP के नेतृत्व वाले केंद्र की “कठपुतली” की तरह काम करने और लोकतांत्रिक नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया।

विरोध स्थल पर रिपोर्टरों से बात करते हुए, चोडनकर ने सरकार बनाने में गवर्नर की देरी पर तीखा हमला किया। चोडनकर ने आरोप लगाया, गवर्नर का एक मिशन है, लेकिन वह (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह के पीछे चल रहे हैं। यही उनकी समस्या है।

BJP विधायक बोले- तमिलनाडु राजनीतिक संकट का फैसला पार्टी लीडर लेंगे

तमिलनाडु से BJP के इकलौते चुने हुए विधायक, भोजराजन ने शुक्रवार को कहा कि सरकार बनाने और तमिलनाडु में चल रहे राजनीतिक संकट से जुड़े सभी बड़े रणनीतिक फैसले उनकी पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लेगा।

संचार में कमी और सरकार बनाने पर BJP के रुख के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में, ऊधगमंडलम सीट से नए चुने गए विधायक ने दोहराया- ये नीतिगत फैसले हैं। मैं नीति पर टिप्पणी नहीं कर सकता; इन मामलों पर फैसला केवल हाईकमान ही करता है।

मायिलादुथुराई में कांग्रेस और DMK समर्थकों के बीच झड़प

तमिलनाडु के मायिलादुथुराई में कांग्रेस और DMK के समर्थक आपस में भिड़ गए। DMK सपोर्टर्स ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सड़क पर धक्का देकर गिराया। बाद में उनके लाए झंडे भी सड़क पर फेंक दिए।

एम थंबीदुरई बोले– जनता चाहती है कि AIADMK फिर सत्ता में लौटे

AIADMK सांसद एम थंबीदुरई ने कहा है कि तमिलनाडु की जनता चाहती है कि AIADMK फिर से सत्ता में लौटे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सही समय आने पर ऐसा हो सकता है। चेन्नई में मीडिया से बात करते हुए थंबीदुरई ने कहा- लोगों की भावना है कि AIADMK को फिर से सत्ता में आना चाहिए। भगवान की कृपा से सही समय पर ऐसा हो सकता है।

उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन और नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर लगातार हलचल बनी हुई है। फिलहाल, AIADMK की ओर से आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

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