राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट महासचिव चंपत राय का इस्तीफा, ट्रस्टी अनिल मिश्रा की भी छुट्टी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट महासचिव चंपत राय का इस्तीफा, ट्रस्टी अनिल मिश्रा की भी छुट्टी

अयोध्‍या: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शुक्रवार को बड़ी खबर सामने आई  है। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को इस्तीफा सौंपा। सूत्रों के अनुसार दोनों के साथ ही गोपाल ने भी इस्तीफा दिया है। हालांकि, इस्तीफे पर अभी कोई कुछ बोल नहीं रहा है।

इससे पहले, चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित आठ आरोपियों को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आज सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 14 दिनों की रिमांड मांगेगी। दरअसल, गुरुवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज की गई। हालांकि, FIR में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं।

सांसद संजय राउत ने उठाया था सवाल

मामले में शिवसेना उद्धव गुट की एंट्री हो गई है। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को ‘X’ पर पूछा- राम मंदिर के लिए उद्धव ने 1 करोड़ रुपए और 4 किलो चांदी की ईंट दान की थी। इतने सालों बाद भी ट्रस्ट की ओर से रसीद नहीं मिली है। आखिर ईंट कहां गई? अब जवाबदेही तय करने का समय आ गया है।’

केजरीवाल ने भी उठाया सवाल

वहीं, दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को रामलला के दर्शन किए। कहा- जिन्होंने महापाप किया, उन्हें कड़ी सजा मिले। FIR दिखावा है। बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

योगी बोले- दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे

वहीं, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा- एसआईटी की रिपोर्ट आते ही कार्रवाई शुरू हो गई। दूध का दूध पानी का पानी करके रहेंगे। जन आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। किसी को छूट नहीं मिलेगी। जो लोग आक्षेप लगा रहे हैं, ये वो लोग हैं जो भगवान राम को नकार चुके थे, कहते थे राम हुए ही नहीं, अयोध्या को भी नकारना चाहते थे। कोर्ट तक पहुंचे, वकीलों की फौज खड़ी कर दी।

उन्‍होंने कहा- दूसरा पक्ष वह जो राम का नाम लेने पर भक्तों पर गोली, लाठी चलाते थे। आज कहते हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ। ये रामनवमी पर दंगा करवाते थे, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बैन करते थे, कांवड़ यात्रा नहीं निकलने देते थे, दुर्गा पूजा पर दंगा करवाते थे.. ये कहते हैं आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ। जिनके काले कारनामों का चिट्‌ठा खुलता है। कांग्रेस ने देश को लूटा नहीं नोंचा था।

सपा नेता बोले- ट्रस्ट ने 140 करोड़ भारतीयों के ट्रस्ट को तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी

सपा नेता पवन पांडे ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर ट्रस्ट बना और वो ट्रस्ट 140 करोड़ भारतीयों को सौंपा गया, लेकिन उस ट्रस्ट ने 140 करोड़ भारतीयों के ट्रस्ट को तोड़ने में कोई कोर-कसर नहीं की। लगातार हम लोग आवाज उठा रहे हैं।

कांग्रेस बोली- बड़े लोगों की मिलीभगत के बिना क्या छोटा कर्मचारी चोरी कर सकता है?

कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा- राम मंदिर में चढ़ावे की भयानक लूट हुई है। भगवान श्री राम की आस्था के चलते देश के गांवों से, गरीब लोगों से चंदा इकट्ठा किया गया था, जिसे लूट लिया गया। लेकिन, जब FIR हुई तो उसमें छोटे कर्मचारियों का नाम डाल दिया गया। सवाल है कि बड़े-बड़े लोगों की मिलीभगत के बिना क्या कोई छोटा कर्मचारी CCTV बंद कर हजारों करोड़ का चंदा चोरी कर सकता है?

करपात्री महाराज बोले- मैं SIT की जांच से संतुष्ट नहीं

आध्यात्मिक वक्ता करपात्री महाराज ने कहा- मैं SIT की जांच से संतुष्ट नहीं हूं। मैं CM योगी आदित्यनाथ से कहना चाहता हूं कि वे इस पर सख्त कार्रवाई करें। ऐसे लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए और उन्हें अयोध्या छोड़ने के लिए कहा जाना चाहिए।

विहिप अध्यक्ष बोले- चंपत राय या अनिल मिश्रा, कोई भी जांच के दायरे से बाहर नहीं

VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि चंपत राय हों या अनिल मिश्रा हों, वह भी जांच के दायरे में हैं। उन पर भी जांच होगी। उन लोगों का नाम FIR में है, जो SIT की रिपोर्ट में है। चंपत राय, अनिल कोई भी इस जांच के दायरे से बाहर नहीं हैं और न ही ऐसा कोई इरादा है।

07 जून को सामने आया मामला

चोरी का मामला पहली बार 07 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई। SIT ने 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। इसके पहले, चढ़ावा चोरी के खुलासे के 19 दिन बाद और जांच के लिए गठित एसआईटी की सिफारिश के दो दिन बाद आखिरकार एफआईआर दर्ज की गई।

एफआईआर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा के रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा के अलावा गणना कर्मी मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र व गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव और कई अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई। सभी पर साजिश के तहत धोखाधड़ी कर चढ़ावा राशि चोरी करने का आरोप है, जिसके बाद आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

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