बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा पर वाराणसी में विरोध, सड़क पर फूंका पुतला
वाराणसी: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर कथित हिंसा और उत्पीड़न के विरोध में रविवार (28 दिसंबर) को अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल काशी की ओर से गुरुधाम चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बांग्लादेश में सरकार परिवर्तन के बाद हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसक घटनाएं बढ़ी हैं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मंदिरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, घरों और दुकानों में आगजनी, लूटपाट और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। संगठनों के पदाधिकारियों ने दावा किया कि अब तक दर्जनों हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे वहां का हिंदू समाज भय के माहौल में जीने को मजबूर है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
चौराहे पर किया गया पुतला दहन
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कट्टरपंथी तत्वों द्वारा हिंदू युवकों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि हालात अराजकता की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं, जिसका असर क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल काशी के कार्यकर्ता गुरुधाम चौराहे पर एकत्र हुए और प्रतीकात्मक पुतले के साथ जुलूस निकालते हुए चेतमणि चौराहे तक पहुंचे, जहां पुतला दहन किया गया।
इस दौरान बांग्लादेश सरकार के विरोध में नारे लगाए गए। संगठनों ने भारत सरकार से मांग की कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए कूटनीतिक और प्रभावी कदम उठाए जाएं तथा इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाया जाए। प्रदर्शन में राष्ट्रीय बजरंग दल काशी प्रांत के महामंत्री अर्जुन कुमार मौर्य, भानु वर्मा, प्रशांत विश्वकर्मा, विश्वजीत, सूरज गुप्ता, अर्जुन राय, श्रवण मौर्य, हरिश्चंद्र चौधरी, रोहित, अंकित, अरविंद, संजीव, कमलेश, हरिनाथ सिंह, संजय पटेल, सोनू मिश्रा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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