लखनऊ में भीमराव अंबेडकर के अस्थि कलश को हटाने का विरोध, RPI कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
लखनऊ: राजधानी में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) ने भीमराव अंबेडकर के अस्थि कलश को विस्थापित करने के विरोध में मंगलवार को प्रदर्शन किया। हजरतगंज चौराहे से विधानभवन के सामने बाबासाहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अस्थि कलश स्थल तक विरोध मार्च निकालने की कोशिश की। भारी पुलिस फोर्स ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी भी स्थिति में अस्थि कलश विस्थापित नहीं होने देंगे। पूरे 75 जनपदों में हमारे पार्टी के लोग ज्ञापन देखकर इसका विरोध करेंगे। इसके बावजूद भी सरकार इससे छेड़छाड़ करती है तो 09 अगस्त को लखनऊ में महाआंदोलन होगा। पार्टी किसी भी हाल में देश के लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी।
आस्था से खिलवाड़ स्वीकार नहीं
आरपीआई प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि देश के संविधान निर्माता और सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक हैं। ऐसे में उनसे जुड़े किसी भी स्मारक या धरोहर के साथ लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अस्थि कलश हमारे लिए आस्था का विषय है और हम हम अपनी आस्था से खिलवाड़ नहीं होने देंगे।
पवन भाई गुप्ता ने कहा कि हम लोग अटल चौक पर स्थित बाबा साहब की प्रतिमा से बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की कलश स्थल तक पैदल यात्रा निकालने जा रहे थे। मगर, भारी पुलिस फोर्स लगाकर हमें रोक लिया गया। सन् 1991 में बाबा साहब का अस्थि कलश विधानभवन के बगल में स्थापित किया गया था। उसके बाद राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री रहते हुए बाबा साहब की प्रतिमा का अनावरण किया था।



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