राष्‍ट्रपति ट्रंप बोले- मोदी मेरे अच्छे दोस्त, लेकिन मुझसे खुश नहीं; वजह भी बताई

राष्‍ट्रपति ट्रंप बोले- मोदी मेरे अच्छे दोस्त, लेकिन मुझसे खुश नहीं; वजह भी बताई

वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को वॉशिंगटन में हाउस रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों की बैठक में एक बड़ी बात कही। न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी उनसे ज्यादा खुश नहीं हैं, क्योंकि वॉशिंगटन ने रूसी तेल खरीदने की वजह से दिल्ली पर 50% टैरिफ लगाया है।

राष्‍ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा, पीएम मोदी खुद मुझसे मिलने आए थे। वह मेरे पास आए और बोले- सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूं? और मैंने कहा- हां। हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि यह सारी बातचीत कब और कहां हुईं। उन्‍होंने कहा कि अपाचे हेलिकॉप्टर की वजह से भारत कई सालों से मेरे पास आ रहा था। हम इसे बदल रहे हैं। भारत ने 68 अपाचे हेलिकॉप्टरों का ऑर्डर दिया है।

राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा, मेरे उनके (पीएम मोदी) साथ बहुत अच्छे रिश्ते हैं। अब उन्होंने रूस से तेल खरीदना काफी हद तक कम कर दिया है। ट्रंप ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें से 25% एक्स्ट्रा टैरिफ रूस से तेल खरीदने की वजह से लगाया गया है।

ट्रंप ने कल कहा था– मोदी मुझे खुश करना चाहते हैं

इससे पहले राष्‍ट्रपति ट्रंप ने भारत के रूस से तेल आयात कम करने को लेकर कहा था कि भारत ने यह फैसला उन्हें खुश करने के लिए लिया। ट्रंप ने कहा था, वे मुझे खुश करना चाहते थे। प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। वह जानते थे कि मैं खुश नहीं था, इसलिए मुझे खुश करना जरूरी था। हम व्यापार करते हैं और उन पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं।

बता दें कि यूक्रेन युद्ध के बाद भारत, रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बन गया था। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन पर हो रहे हमलों को फंड कर रहा है।

दावा– भारतीय राजदूत ने 25% टैरिफ हटाने की अपील की

डोनाल्‍ड ट्रंप के साथ मौजूद अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कल दावा किया था वह करीब एक महीने पहले भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा के घर गए थे। उस मुलाकात में सबसे ज्यादा चर्चा भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद कम करने को लेकर हुई थी। उन्होंने बताया कि भारतीय राजदूत ने उनसे राष्ट्रपति ट्रंप तक यह संदेश पहुंचाने को कहा था कि भारत पर लगाया गया एक्स्ट्रा 25 प्रतिशत टैरिफ हटाया जाए।

लिंडसे ग्राहम के अनुसार, भारत अब पहले के मुकाबले रूस से काफी कम मात्रा में तेल खरीद रहा है। इस मुद्दे को बातचीत में प्रमुख रूप से उठाया गया।

भारत ने 4 साल बाद रूस से कम किया तेल आयात

भारत ने साल 2021 के बाद पहली बार रूस से कच्चे तेल का आयात घटाया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का रूसी तेल आयात नवंबर में करीब 17.7 लाख बैरल प्रतिदिन था, जो दिसंबर में घटकर लगभग 12 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया है। आने वाले समय में यह 10 लाख बैरल प्रतिदिन से भी नीचे जा सकता है।

जनवरी में आने वाले आंकड़ों में भारत के रूसी तेल आयात में बड़ी गिरावट दिख सकती है। नवंबर 21 से रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू हुए हैं। इसके बाद भारत का रूस से तेल आयात घटने लगा है।

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