One Nation One Election: पीपी चौधरी बोले- एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में 99% मतदाता
One Nation One Election: राजधानी में तीन दिन रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने बुधवार को मीडिया से वार्ता की। ‘एक देश-एक चुनाव’ को लेकर समिति के अध्यक्ष और राजस्थान के पाली से सांसद प्रेम प्रकाश (पीपी) चौधरी ने जानकारी दी। पीपी चौधरी ने दावा किया है कि देशभर में इस व्यवस्था के पक्ष में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। समिति अब तक दस राज्यों का दौरा कर चुकी है और करीब 99 प्रतिशत लोगों ने एक साथ चुनाव कराने का समर्थन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव किसी राजनीतिक दल को लाभ या नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र को अधिक प्रभावी, स्थिर और विकासोन्मुख बनाने के उद्देश्य से देश हित में है।
राष्ट्रीय हित सर्वोपरि
पीपी चौधरी ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से प्रशासनिक व्यवस्था, विकास कार्य, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और श्रम क्षेत्र पर व्यापक असर पड़ता है। चुनाव आचार संहिता लागू होने से विकास परियोजनाएं प्रभावित होती हैं, जबकि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि समिति के अध्ययन के दौरान अधिकांश लोगों ने एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में अपनी राय दी है। राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी प्रतिबद्धताएं हो सकती हैं, लेकिन राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है।
छह महीने में एक साथ चुनाव कराने में सक्षम
उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने समिति को भरोसा दिया है कि यदि छह महीने पहले तैयारी का समय मिल जाए तो वह पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि यदि संसद से विधेयक वर्ष 2028 में पारित हो जाता है तो 2029 का आम चुनाव एक देश-एक चुनाव’ की दिशा में पहला बड़ा चरण हो सकता है, जिसमें जिन राज्यों के विधान सभा चुनाव निर्धारित होंगे, उन्हें भी साथ कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि समिति केवल चुनावों के समय निर्धारण तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार कर रही है। इसी क्रम में अविश्वास प्रस्ताव के साथ अनिवार्य विश्वास प्रस्ताव जैसी व्यवस्था पर भी मंथन किया जा रहा है, ताकि सरकारें बार-बार गिरने की स्थिति न बने और निर्वाचित सरकारों को स्थिर कार्यकाल मिल सके।



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