माघ मेले को लेकर मौलाना रजवी की अपील- सौहार्द का मंच बनाएं, नफरत का नहीं

माघ मेले को लेकर मौलाना रजवी की अपील- सौहार्द का मंच बनाएं, नफरत का नहीं

बरेली: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रयागराज में चल रहे माघ मेले को लेकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश दिया है। रविवार को उन्होंने साधु–संतों से अपील की है कि माघ मेला जैसे आयोजनों का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए, न कि किसी वर्ग को अलग–थलग करना।

मौलाना रजवी ने कहा कि माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की साझा संस्कृति और इंसानियत का प्रतीक है। उन्होंने किसी समुदाय के प्रवेश पर पाबंदी की बात को मानवता के खिलाफ बताया और इसे देश की गंगा–जमुनी तहजीब पर सवाल उठाने जैसा करार दिया।

समाज के मार्गदर्शक होते हैं साधु-संत

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इस बात पर जोर दिया कि साधु–संत समाज के मार्गदर्शक होते हैं। उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने विचारों से भाईचारे, प्रेम और सौहार्द को बढ़ावा दें। मौलाना रजवी के अनुसार, हर त्योहार और मेले को नफरत फैलाने का जरिया बनाना देशहित में नहीं है।

उन्‍होंने यह भी कहा कि भारत की पहचान ‘विविधता में एकता‘ से है। माघ मेले जैसे आयोजनों से पूरे देश में आपसी प्रेम और सद्भाव का संदेश जाना चाहिए, जिससे समाज में भरोसा और आपसी सम्मान मजबूत हो सके।

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