सिंगर बादशाह को हरियाणा बाल संरक्षण आयोग का नोटिस, निर्देशक भी तलब; हो चुकीं 3 FIR
एंटरटेनमेंट डेस्क: बॉलीवुड सिंगर बादशाह के ‘टटीरी’ सॉन्ग को लेकर उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बादशाह को नोटिस भेजकर तबल किया है। सिंगर के साथ ही निर्देशकों को भी नोटिस भेजा गया है। इसके लिए आयोग ने 7 दिन के अंदर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले 13 फरवरी को राज्य महिला आयोग ने बादशाह के खिलाफ FIR कराने के आदेश दिए थे। बादशाह आयोग के समन पर पेश नहीं हुए थे, इसके बाद आयोग ने पंचकूला-पानीपत SP उनका पास्टपोर्ट भी जब्त करने के आदेश दिए थे। उधर, बाल अधिकार संरक्षण आयोग का कहना है कि सॉन्ग की वीडियो में स्कूली बच्चों को गलत तरीके से पेश किया गया है।
01 मार्च को रिलीज हुआ था गाना
बादशाह का टटीरी सॉन्ग 1 मार्च को रिलीज हुआ था। सॉन्ग के रिलीज होने के साथ ही इसमें बादशाह के लिरिक्स और लड़कियों के सीन को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद पंचकूला पुलिस ने सॉन्ग को यूट्यूब से हटवा दिया और हरियाणा महिला आयोग भी एक्टिव मामले में एक्टिव हो गया।
बादशाह के साथ निर्देशकों को भी नोटिस
टटीरी सॉन्ग को लेकर बाल अधिकार आयोग को कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद शनिवार को आयोग ने ई-मेल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से बादशाह को 7 दिन के अंदर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। आयोग के अनुसार, वीडियो में कुछ ऐसे दृश्य फिल्माए गए हैं, जो छात्रों के बीच अनुशासनहीनता को बढ़ावा देते हैं।
आयोग ने आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया (बादशाह), वीडियो निर्देशक- माही संधू और जोबन संधू, प्रोडक्शन हाउस- बटुगेदरप्रोस और सीईओ आलाप गोशर को नोटिस भेजा है।
आयोग की आपत्ति
स्कूली वर्दी का दुरुपयोग: वीडियो में कलाकारों को स्कूली वर्दी पहने हुए दिखाया गया है, जो एक शैक्षणिक संस्थान की गरिमा से जुड़ा विषय है।
अनडिसिप्लीन प्रजेंटेश: वीडियो के कुछ सीन में छात्राओं को स्कूल बैग फेंकते हुए और पढ़ाई के प्रति पूरी तरह से उदासीन दिखाया गया है।
स्टूडेंट के जोखिम भरे स्टंट: बच्चों को चलती बस में नाचते और हुड़दंग मचाते दिखाया गया है, लिरिक्स में भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
आयोग का तर्क– सॉन्ग पढ़ाई छोड़ने के लिए प्रेरित करने वाला
आयोग के नोटिस में कहा गया है कि मनोरंजन के नाम पर बच्चों के भविष्य और उनके आचरण के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। आयोग का मानना है कि बादशाह जैसे बड़े कलाकार के करोड़ों फॉलोअर्स हैं, जिनमें बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे शामिल हैं। ऐसे में इस तरह का प्रजेंटेशन छात्रों को पढ़ाई छोड़ने या स्कूल में गलत व्यवहार करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
गाने को लेकर विवाद क्यों है?
महिलाओं का अपमान: गाने में अश्लील शब्दों के प्रयोग करने पर कई सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध किया था। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने इसे असभ्य और महिलाओं को ‘ऑब्जेक्टिफाई’ करने वाला बताया था।
बिना अनुमति फिल्मांकन: गाने में जींद रोडवेज की बस और नरवाना के सच्चा खेड़ा गांव के सरकारी स्कूल का सीन दिखाया गया। विभाग का आरोप है कि इसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी।
गलत संदेश: वीडियो में स्कूल ड्रेस पहनी लड़कियां स्कूल बैग फेंकती नजर आई और बस के ऊपर छात्राओं को खड़ा कर गाने के लिरिक्स जोड़े गए हैं, जिसके बाद कई सामाजिक संगठनों ने समाज में गलत संदेश जाने का आरोप लगाया।



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