प्रयागराज/बरेली: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस समय प्रयागराज में हनुमंत कथा कर रहे हैं। कथा से पहले उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्ञानवापी परिसर को लेकर कहा कि एक दिन यहां रुद्राभिषेक जरूर होगा और काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में लगा “कलंक” मिटेगा। उन्होंने ये भी कहा कि हमें मंदिरों में भीड़ और सड़कों पर तूफान चाहिए। रामराज्य से भरा हिंदुस्तान चाहिए। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
वहीं, बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के विरोध को लेकर पूछे गए सवाल पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह समय का खेल है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि “दो कौड़ी के लोग करोड़ों में बिकने लगते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि जैसे राम मंदिर बना, वैसे ही एक दिन ज्ञानवापी पर भी भगवा लहराएगा।
क्या बोले थे मौलाना शहाबुद्दीन रजवी?
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शास्त्री के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी एक ऐतिहासिक मस्जिद है और इसे किसी के लिए कलंक कहना गलत है। उन्होंने कहा कि शरियत किसी भी मुसलमान को मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की अनुमति नहीं देती और ज्ञानवापी मस्जिद मंदिर तोड़कर नहीं बनाई गई है। मौलाना ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान बहुसंख्यक समुदाय को उकसाने वाले हैं और इससे माहौल खराब हो सकता है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि ज्ञानवापी का मामला अदालत में विचाराधीन है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं। कोर्ट का जो भी फैसला होगा, वही सभी को मान्य होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान मुकदमे को प्रभावित करने की कोशिश हैं। उन्होंने अदालत से स्वत: संज्ञान लेने और धीरेंद्र शास्त्री को तलब करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा-कयामत तक आप ज्ञानवापी पर भगवा झंडा नहीं लहरा सकते। यह मस्जिद है और मस्जिद ही रहेगी, मस्जिदियत से कोई समझौता नहीं होगा।